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Kanpur News: बुजुर्गों में सांस फूलने, बच्चों में कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी

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राजपुर। मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। रविवार को ब्लॉक क्षेत्र की राजपुर व रसधान पीएचसी में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में पहुंचे सर्वाधिक मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित रहे। बुजुर्गों में सांस फूलने व बच्चों में कोल्ड डायरिया के मामले बढ़े हैं। डॉक्टरों ने उन्हें दवा देने के साथ सुबह-शाम पड़ रही ठंड से बचने की सलाह दी।
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राजपुर पीएचसी में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, सांस फूलने, शुगर और कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या अधिक रही। चिकित्सकों के अनुसार, ठंड के मौसम में कोल्ड डायरिया की समस्या तेजी से बढ़ जाती है। इसका सबसे अधिक असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। डॉक्टरों ने मरीजों को ठंड से बचाव, साफ-सफाई और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
सुबह 10:30 बजे पीएचसी पहुंचें गनेशपुर के सूबेदार ने सांस फूलने की समस्या बताई। राजपुर की सुनीता ने बताया कि ठंड लगने के कारण उन्हें बुखार और सर्दी-जुकाम हो गया है। इधर-उधर इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं मिला, इसलिए आरोग्य मेला में उपचार करवाने आई हैं। डॉक्टर ने उन्हें दवाएं दीं और ठंड से बचाव की सलाह दी। खासबरा के शकूर अली (70) सांस फूलने की समस्या से परेशान होकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि काफी दिनों से दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर ने जांच के बाद दवाएं दीं और सुबह-शाम टहलने की सलाह दी। डॉ आकांक्षा मिश्रा ने मरीजों का परीक्षण कर दवाइयां दी। साथ ही ठंड से बचाव के लिए जागरूक किया। राजपुर पीएचसी में 66 व रसधान पीएचसी में 56 मरीजों को उपचार मिला। मेला में वायरल और कोल्ड के मरीजों की संख्या अधिक रही।
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बच्चों का रखें खास ख्याल, ठंड से बचाएं
राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. सलिल सचान का कहना है कि ठंड का मौसम छोटे बच्चों के लिए मुश्किल लेकर आता है। तापमान गिरने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है। जिस कारण ठंड और हवा लगने से बच्चों को नजला, खांसी और बुखार जकड़ लेता है। लापरवाही पर छोटे बच्चों की पसली चलने लगती है और निमोनिया की आशंका पैदा हो जाती है। उन्होंने कहा कि खासकर नवजात और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। सुबह और शाम ठंडी हवा, कोहरा और अचानक तापमान में गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती हैं।
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