कानपुर देहात। केंद्रीय बजट में लोगों के स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर विशेष गौर किया गया है। सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में कैंसर, शुगर सहित अन्य घातक बीमारियों की दवाइयों व बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से हटा दिया।
इससे लोगों को गंभीर बीमारियों का इलाज करवाने में राहत मिलेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स व केयर गिवर्स तैयार किए जाएंगे। इनसे छोटे बीमारियों में इलाज के अभाव में लोगों की जान जाने पर अंकुश लगेगा। साथ ही युवाओं को स्किल-आधारित नौकरियां मिलने से रोजगार के अवसर भी बढेंगे। जिला अस्पताल में ट्रामा केयर सेंटर व इमरजेंसी की क्षमता विस्तार किए जाने से मरीजों के रेफर होने पर रोक लगेगी। वहीं आयुष व अन्य क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार होने से आयुर्वेद व योग को एक नयी पहचान भी मिलेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बजट को स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर सुधार लाने वाला बजट बताया है।
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सुविधाओं में होगा विस्तार, मरीजों को रेफर करने पर लगेगा अंकुश
जिले में दो साल पहले मेडिकल कॉलेज का संचालन हुआ है। वर्तमान समय में कॉलेज लगातार अपनी सुविधाओं में विस्तार कर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने का प्रयास कर रहा है। अभी तक जिले में कैंसर के इलाज की सुविधा नहीं है। कॉलेज में 10 बेड का डे-केयर सेंटर खोला जा रहा है। इसके लिए जगह भी चिह्नित हो गई है। अब बजट में कैंसर की 17 दवाइयों को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। जबकि अन्य सात घातक बीमारियों की दवाओं पर भी इंपोर्ट ड्यूटी में छूट दी गई है। इससे जिले के कैंसर रोगियों को दवाइयों को खरीदने में आर्थिक बोझ नहीं झेलना पड़ेगा। वहीं कॉलेज की इमरजेंसी के विस्तार पर काम किया जा रहा है। अब बजट में ट्रॉमा केयर सेंटर व इमरजेंसी में 50 फीसदी विस्तार की घोषणा से मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं को पंख लगेंगे। सेवाएं बढ़ने से जिले में विशेष तौर पर हादसों में घायल होकर आने वाले मरीजों के रेफर पर अंकुश लगेगा। - डॉ. हरप्रीत सिंह, उप प्राचार्य, अकबरपुर मेडिकल कॉलेज
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एएचपी व केयर गिवर्स से ग्रामीण क्षेत्रों में भी होगा सुविधाओं का विकास
शासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी के अनुरूप बजट भी देखने को मिला है। कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। आयुष क्षेत्र में विस्तार होने से एलोपैथी के अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स व केयर गिवर्स जैसी स्किल-आधारित नौकरियां मिलने पर स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा। केयर गिवर्स बुजुर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाएंगे। वहीं एएचपी की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने में सहयोग मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछापों पर अंकुश लगेगा। साथ ही ग्रामीण को सही स्वास्थ्य संबंधी सलाह मिलेगी। जिससे मरीज संबंधित डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवा कर स्वयं को सुरक्षित कर सकेगा। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ