कानपुर देहात। राष्ट्रपति की भाभी विद्यावती की बड़ी दो बेटियां व छोटी भतीजी का पति महामहिम से नहीं मिल पाए। वैसे वह स्टेशन पर पहुंचे थे। लेकिन विशिष्ट आगंतुक सूची में नाम न से सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें प्लेटफार्म पर जाने से रोक दिया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने वालों के नाम विशिष्ट सूची में शामिल किए गए थे। इसमें भाभी विद्यावती व उनकी छोटी बेटी हेमलता का नाम शामिल था। इधर मां व बहन के साथ अंजली व कमलेश व हेमलता के पति राजेश भी स्टेशन पर प्रवेश के लिए पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने सूची से मिलान करने के बाद सिर्फ विद्यावती व हेमलता को प्लेटफार्म पर जाने दिया।
जबकि अन्य को बाहर रोक दिया। इस पर तीनों मायूस हो गईं तो वहां मौजूद अफसरों ने उन्हें जन सामान्य के लिए स्टेशन के बाहर बने पंडाल में बैठाया। यहीं से इन्होंने राष्ट्रपति को संबोधन सुना।
नहीं भूले स्टेशन के सामने वाली मिठाई की दुकान
कानपुर देहात। झींझक स्टेशन पर संबोधन के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने बचपन की यादों को साझा करना नहीं भूले। उन्होंने स्टेशन पर ठीक सामने बेनी प्रसाद मिश्रा की मिठाई की दुकान का जिक्र किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि वह स्टेशन पर उतरकर मिठाई की दुकान से होकर जाते थे, शायद अब दुकान वहां पर न हो। वैसे बेनीप्रसाद मिश्र का करीब तीस साल पहले निधन हो चुका है। उनके पुत्र श्यामप्रकाश मिश्रा अपने पुत्रों झल्लू और कल्लू के साथ अभी भी स्टेशन के सामने चाय-समोसे की दुकान चला रहे हैं।
गली व छतों पर खड़े होकर सुना संबोधन
कानपुर देहात। झींझक में बैरिकेडिंग लगाकर गली बंद कर दी गई थी। लोगों ने बैरिकेडिंग के दूसरी ओर खड़े होकर राष्ट्रपति का संबोधन सुना। स्टेशन के लिए गई गली में भी लोग पूरे समय खड़े होकर राष्ट्रपति का संबोधन सुनते दिखे। वहीं स्टेशन के पास मौजूद घरों की छतों व बालकनी पर लोग राष्ट्रपति को सुनते दिखे।
लंच पैकेट के लिए रही मारामारी
झींझक स्टेशन पर आगंतुकों व सुरक्षा कर्मियों के लिए लंच पैकेट की व्यवस्था की गई थी। राष्ट्रपति की ट्रेन कानपुर के लिए प्रस्थान कर गई तो लंच पैकेट पाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनी। जिसके हाथ लंच पैकेट लगा वह लेकर निकल गया तो कई को मायूसी हाथ लगी।
सुरक्षा कर्मी रहे मुस्तैद
कानपुर देहात। केबिन क्रासिंग से लेकर स्टेशन के हर कोने पर सुरक्षा कर्मी मुस्तैद रहे। चोर रास्तों से होकर अवांछनीय लोग स्टेशन पर न पहुंच सके इसके लिए बैरिकेडिंग स्थल पर फोर्स मुस्तैद रहा। इंटेलीजेंस कर्मी भी सादे कपड़ों में मुस्तैद दिखे। जबकि डॉग स्क्वायड से भी जांच कराई गई।
लोगों की सुरक्षा बलों से भी हुई नोकझोंक
कानपुर देहात। राष्ट्रपति की प्रेसिडेंशियल ट्रेन झींझक स्टेशन पर शाम छह बजे आने के पहले तीन घंटे पहले ही करीब दो सौ मीटर पहले बैरीकेडिंग लगाकर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। जिसके चलते स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों को घर पहुंचने में दिक्कत होने लगी। सुरक्षा बलों के मना करने पर कई बार नोकझोंक भी हुई। हालांकि समझाने पर लोग दूसरी गलियों से होकर घर पहुंचे।
राष्ट्रपति से मिलकर खुश हुए करीबी
कानपुर देहात। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने के बाद व्यापारी नेता श्याममोहन, गोलू वर्मा, रविंद्र पालीवाल, रमन सेंगर, तरुण जैन, विनोद ने खुशी जताई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने उनके मांग पत्र लेकर जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया है। जिससे झींझक सहित पूरे जिले का विकास होगा। कहा कि राष्ट्रपति बनने के बाद भी आम लोगों से जुड़ाव उनके सरल स्वभाव का प्रतीक है। उन्होंने पहले ही तरह ही मिलकर ऐसी खुशी जताई। जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।