अधिवक्ता राजाराम की सुपारी 50 लाख रुपये में ली। रुपये की जरूरत थी इसलिए सुपारी तो ले ली लेकिन घर के बाहर सीसीटीवी देखकर डर गया और हत्या करने से इन्कार भी कर दिया था। साथी अंकित ने भरोसा दिलाया कि परिजन खुद राजाराम को मरवाना चाहते हैं। कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके बाद वारदात की। यह कबूलनामा हत्यारोपी दिलनियाज ने पुलिस के सामने किया। हालांकि, राकेश तिवारी से जुड़े वायरल ऑडियो को अपना मानने से इन्कार किया।
हत्यारोपी दिलनियाज से दोपहर करीब बजे शुरू हुई पूछताछ तीन घंटे तक चली। इसमें उसने लगभग वहीं बयान दिए जो वह पहले से देता आया है। पुलिस को बताया कि बहन की शादी के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। दोस्त अंकित यादव ने रुपयों की व्यवस्था का भरोसा दिया। 50 लाख रुपये में राजाराम की हत्या की सुपारी दी। राजाराम की पहचान कराने के लिए अंकित उसे अपने साथ उनके चैंबर में ले गया था। वहां से लौटने के बाद उसने ही अधिवक्ता का घर दिखाया। हालांकि वारदात के वक्त सीसीटीवी खराब निकले। कोतवाली प्रभारी जगदीश पांडेय ने बताया कि आरोपी से पूछताछ करने के बाद उसे छोड़ दिया गया है। जरूरत पड़ने पर फिर बुलाया जा सकता है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अधिवक्ता राकेश तिवारी से बीते शुक्रवार को नवाबगंज थाने में पूछताछ की गई थी। इसके बाद उन्हें दो बार फिर बुलाया गया था। हालांकि, उन्होंने सेहत खराब होने का हवाला देकर आने से इन्कार कर दिया। ऐसे में अब उन्हें नोटिस देकर बुलाया जाएगा और पूछताछ की जाएगी।
कोट:
अग्रिम विवेचना को प्रभावित करने की नीयत से षड्यंत्र के तहत ऑडियो वायरल किया गया है। राकेश तिवारी ने कई ऐसी संपत्तियां खरीदी हैं जिनमें गवाह गैंगस्टर रामखिलावन और हत्यारोपी राजबहादुर हैं। ऐसे में उनके इन लोगों से संबंधों की जांच की जा रही है।-रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर