कानपुर। बढ़े सर्किल रेट लागू होने के बाद शहर में अब बिरहाना रोड, पीरोड, सिविल लाइंस और मूलगंज की व्यावसायिक और आवासीय श्रेणी की जमीनें सबसे ज्यादा महंगी हो गई हैं। इन जगहों पर व्यावसायिक जमीन के दाम 1,30,000 रुपये से 1,45,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गए हैं। इन इलाकों की आवासीय जमीन भी सबसे महंगी है। सर्किल रेट में बढ़ोतरी के आधार पर शहर के पॉश इलाके स्वरूप नगर में सबसे ज्यादा 57 फीसदी तक व्यावसायिक जमीन के दाम बढ़े हैं। यहां 76,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़कर दाम 1,20,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गए हैं।जिले में दो माह से सर्किल रेट बढ़ाने पर कवायद चल रही थी। तहसील और निबंधन कार्यालय में करीब 50 से अधिक आपत्तियां आई थीं। इसमें आम आदमी से लेकर अधिवक्ताओं और नेताओं ने आपत्तियां दाखिल की थीं। शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र और कस्बों की जमीनों के बाजार दामों के आसपास पहुंचाने के लिए निबंधन विभाग की टीम को काफी माथापच्ची करनी पड़ी। इस कारण दो सितंबर से लागू होने वाले सर्किल रेट पांच सितंबर से लागू हो सके।आपत्तियों के निस्तारण के बाद सर्किल रेट में औसतन 10 से 35 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है। बीते वर्ष सात से 20 फीसदी तक जमीनों के दाम बढ़े थे। वहीं इस बार शहर से सटे गांवों की जमीनों के दाम बाजार भाव से काफी कम होने के कारण निबंधन विभाग ने 50 से 60 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इससे राजस्व बढ़ोतरी में काफी राहत मिलेगी।स्वरूपनगर में घरों के दाम में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
शहरी क्षेत्र में आवासीय श्रेणी में सबसे ज्यादा दाम स्वरूपनगर की जमीन के बढ़े हैं। यहां पूर्व में 62,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट था जो अब 80,000 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर हो गया है। इसी तरह बिरहाना रोड के सर्किल रेट 77,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर, मालरोड में 75,000, पीरोड में 72,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए। व्यावसायिक जमीनों में भी यही इलाके सबसे महंगे हैं।
नए सर्किल रेट में कई क्षेत्रों की जमीन के दामों में बड़ा अंतर देखने को मिला। इस बार व्यावसायिक भूमि की दरों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 69.35 फीसदी गांधी नगर में की गई। यहां जमीन के दाम 62,000 रुपये से 95,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गए। वहीं आवासीय भूमि की दरों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी जाजमऊ क्षेत्र स्थित एमराल्ड गुलिस्तां सोसाइटी में हुई। यहां जमीन के दाम 23,000 से बढ़कर 40,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर (73.91 फीसदी) हो गए। जिले में आवासीय भूमि का रेट स्वरूप नगर में 62,000 से 80,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर पहुंच गया है।
दूसरी तरफ व्यावसायिक जमीन में सबसे महंगी बिरहाना रोड की 1,13,000 से 1,45,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर, पीरोड में 1,10,000 से 1,44,000 रुपये, सिविल लाइंस में 1,01,000 से 1,40,000 रुपये, मूलगंज में 1,10,000 से 1,35,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में नरवल और बिल्हौर तहसील के कई गांवों में आवासीय जमीन के दाम में 81 से 88 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।
शहर में वर्ष 2015 के बाद बीते साल सर्किल रेट बढ़ाए गए थे जबकि राजस्व वसूली का लक्ष्य हर साल बढ़ता जा रहा था। पिछले कई साल से 60 प्रतिशत से ज्यादा राजस्व की वसूली नहीं हो पा रही थी। इसे लेकर कई अफसरों पर कार्रवाई भी की गई थी। इसे देखते हुए पहले 30 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाने का फैसला लिया गया था। अगस्त में जमीनों के रेट बढ़ने थे लेकिन प्रक्रिया शुरू होने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा था कि सर्किल रेट बढ़ाए जाने को लेकर 85 आपत्तियां आई हैं। उनके निस्तारण के बाद ही नए सर्किल रेट बढ़ाए जाएंगे। अंत में तय हुआ कि 20 प्रतिशत से अधिक सर्किल रेट नहीं बढ़ेंगे।
शहरी क्षेत्र के आवासीय जमीनों के नए दाम (रुपये प्रति वर्ग मीटर)
मोहल्ला पुराना रेट नया रेट
स्वरूप नगर 62,000 80,000
आर्य नगर 62,000 75,000
पी.रोड 65,000 72,000
तिलक नगर 62,000 74,000
कलेक्टरगंज 59,000 77,000
बिरहाना रोड 59,000 77,000
सिविल लाइंस 59,000 77,000
मॉल रोड 59,000 75,000
मूलगंज 52,000 67,000
लाटूश रोड 48,000 53,000
सीसामऊ 41,000 54,000
परेड 36,000 47,000
अशोक नगर 39,500 52,000
हर्ष नगर 39,500 52,000
विष्णुपुरी 37,000 50,000
ब्रम्ह नगर 37,000 52,000
किदवई नगर 35,000 45,000
चमनगंज 34,500 44,000
चुन्नीगंज 34,500 50,000
गोविंद नगर 33,000 45,000
मकरावटगंज 32,000 42,000
काकादेव 31,500 43,000
इन्द्रा नगर 30,000 36,000
श्याम नगर 29,000 41,000
परमट 27,000 36,000
फजलगंज 27,000 43,000
साकेत नगर 25,000 35,000
न्यू हाईवे सिटी 21,000 33,000
बर्रा 21,000 30,000
यशोदा नगर 18,000 27,000
पनकी 17,000 23,000
गज्जूपुरवा 16,500 22,000
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चकेरी क्षेत्र की जमीनों के दाम (रुपये प्रति वर्ग मीटर)
आवासीय व्यावसायिक
मोहल्ला / गांव पुराना नया पुराना नया
सरसौल 5,250 7,300 27,000 27,000
नगवां 3,300 6,000 8,800 12,000
धुरवाखेड़ा 3,300 6,000 8,800 25,000
तिलसहरी बुजुर्ग 2,650 5,000 21,700 22,000
तिवारीपुर सलेमपुर 2,650 5,000 21,700 22,000
साढ़ 4,050 5,000 11,000 13,000
भीतरगांव 3,850 5,000 11,000 13,000
बिल्हौर क्षेत्र की जमीन के दाम ( रुपये प्रति वर्ग मीटर)
पाठकपुर शिवराजपुर 6,000 8,400 26,500 31,000
उत्तरी 5,000 7,200 24,000 28,000
ककवन 5,000 6,200 21,000 25,000
चौबेपुर कलां 6,600 9,000 26,500 31,000
बिरतयान बिठूर 6,000 6,000 26,500 26,500
अमिलिहा 6,000 7,800 26,500 31,000
कृषि भूमि में 46 फीसदी तक बढ़ीं दरें
कानपुर। सर्किल रेट में आवासीय, व्यावसायिक के साथ कृषि भूमि के दामों में भी जमकर बढ़ोतरी हुई है। रूमा क्षेत्र में 2.20 करोड़ रुपये हेक्टेयर (चार बीघा) से बढ़कर जमीन के दाम 2.86 करोड़ रुपये हेक्टेयर हो गए हैं। यानी एक बीघा जमीन की करीब 71 लाख रुपये में खरीद-बिक्री हो सकेगी। इसी तरह कटरी ख्योरा में 2.20 करोड़ रुपये हेक्टेयर से बढ़कर 3 करोड़ रुपये हेक्टेयर हो गया। ख्योरा कछार में 2.33 करोड़ से बढ़कर 3.30 करोड़, गुजैनी में 2.14 करोड़ से बढ़कर 2.88 करोड़, बिनगवां में 2.14 करोड़ से बढ़कर 3 करोड़, नानकारी में 2.60 करोड़ से बढ़कर 3.50 करोड़, सेन पूरब पारा में 69 लाख से बढ़कर 90 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर जमीन के दाम हो गए।
सर्किल रेट किसी इलाके में सरकार द्वारा तय की गई जमीन, मकान या संपत्ति की न्यूनतम कीमत होती है। यानी जब भी आप कोई संपत्ति खरीदते या बेचते हैं, तो उसकी रजिस्ट्री कम से कम सर्किल रेट पर ही होनी चाहिए।
इसलिए जरूरी है सर्किल रेट
- स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क सरकार इसी रेट के आधार पर लेती है।
- इससे सरकार को टैक्स और रेवेन्यू मिलता है।
-इससे संपत्ति की असली कीमत को छुपाकर कम रेट पर रजिस्ट्री कराने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगती है