कानपुर। अधिवक्ता राजाराम हत्याकांड और जमीन से जुड़े विवाद का हिस्सा रहे लोगों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। मामले में रविवार को राजाराम की बहू रेखा से जमीन का एग्रीमेंट कराने वाले नवाबगंज के सुक्खीपुरवा नई बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार सिंह से घंटों तक पूछताछ हुई। हालांकि, वह पुलिस के सवालों के जवाब नहीं दे सके। जमीन के एग्रीमेंट के लिए रुपया कहां से आया था इस सवाल पर अधिवक्ता चुप्पी साध गए।
मामले के विवेचक जगदीश पांडेय ने बताया कि मनोज और जितेंद्र ने मृतक की छोटी बहू से 26 दिसंबर 2018 को तीन आराजी की कुल 2.12 हेक्टेयर जमीन का एग्रीमेंट कराया था। इस एग्रीमेंट में आराजी संख्या 2561 (ख), 2559 (क) और 2171 (क) शामिल थीं। राजाराम हत्याकांड से पहले हुए इस एग्रीमेंट ने परिवार में तनाव बढ़ा दिया था। रविवार को क्यू ब्लॉक शारदानगर निवासी मनोज सक्सेना और नवाबगंज के सुक्खीपुरवा नई बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया था। इनमें से मनोज ने बाहर होने की बात कह कर आने में असमर्थता जताई थी।
वहीं, जितेंद्र कोतवाली आए थे जहां उनसे करीब तीन घंटे में करीब 80 सवाल पूछे गए। इनमें एग्रीमेंट कराने की रकम से लेकर उसे निरस्त कराने जैसे सवाल शामिल थे। हालांकि, वह पुलिस के कुछ एक सवालों को छोड़कर अन्य सभी सवालों पर याद नहीं, भूल गया जैसे जवाब देता रहा। कई सवालों के जवाब पर तो वह खामोश रहे। हालांकि अधिवक्ता ने अपने पक्ष में कुछ सबूत पेश करने के लिए दो दिनों का समय मांगा है।