कानपुर। नगर निगम की संपत्तियों पर कब्जों और मोतीझील लॉन को सस्ते में आवंटित करने महापौर ने नाराजगी जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक 15 अप्रैल से नामांतरण करने, कन्वेंशन सेंटर, अवैध विज्ञापन पटों पर कार्रवाई के फैसले के बाद स्थगित कर दी गई। पुनरीक्षित बजट सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए मंगलवार को फिर से बैठक होगी।
नगर निगम समिति कक्ष में बैठक शुरू होते ही नगर निगम और जलकल के अधिकारियों ने चालू वित्तीय वर्ष का पुनरीक्षित बजट प्रस्तुत करने की कोशिश की। अधिकारियों की मंशा भांपकर समिति के सदस्य विरोध करने लगे। कहा कि बजट से पहले शहर से संबंधित मामलों पर चर्चा होनी चाहिए। बैठक में पार्षद राजकिशोर यादव ने रैना मार्केट में 13 साल पहले निरस्त की गईं दो दुकानों के आवंटन और दूसरी मंजिल तानने का मामला उठाया। आरोप लगाया कि फुटपाथ के दो दुकानदारों ने वहां से हटाए जाने के बाद न्यायालय के माध्यम से दुकानें आवंटित करा लीं। यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट में नगर निगम ने ठीक से पैरवी नहीं की। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की।
इसी तरह नवाबगंज थाने के पास स्लॉटर हाउस की जमीन पर व्यावसायिक भवन बनाने और श्यामनगर में करीब 500 गज जमीन पर अवैध कब्जे का मामला भी बैठक में उठाया गया। महापौर ने बताया कि नगर निगम की संपत्तियों पर कब्जे के मामले में जांच के निर्देश दिए गए हैं। मोतीझील लॉन को मात्र 60,000 रुपये प्रतिदिन पर डेढ़ माह तक के लिए आवंटित करने के मामले में नाराजगी जताई। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को जांच कर और दोषी अफसरों के वेतन से रिकवरी करने के निर्देश दिए।
नामांतरण के दौरान भवन की कीमत का एक प्रतिशत शुल्क जमा कराने का आदेश सदन और कार्यकारिणी समिति की पिछली बैठक में निरस्त होने और 6500 रुपये में भवनों के नामांतरण के लिए पारित आदेश लागू न होने पर भी नाराजगी जताई। 15 अप्रैल से नए आदेश का हर हाल में पालन करने के निर्देश दिए। नगर निगम की जमीन पर बने कन्वेंशन सेंटर के संचालन के टेंडर को निरस्त करने और इसे नगर निगम को हैंडओवर करने का फैसला लिया गया। महापौर ने बताया कि नगर निगम खुद इसका संचालन करेगा। बैठक में सदस्यों के साथ ही नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, मुख्य अभियंता, जलकल विभाग के जीएम, जोनल अधिकारी, जोनल अभियंता, जोनल स्वच्छता निरीक्षकों सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।