कानपुर। समाज कल्याण विभाग गरीब बेटियों की शादी कराने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। 1.25 करोड़ का बजट खर्च न कर पाने पर विभाग ने निदेशालय को पैसा लौटा दिया है। शादी अनुदान योजना में लक्ष्य के सापेक्ष 10 फीसदी से भी लोग लाभान्वित हुए। सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जोड़े को एक लाख की सहायता देती है। वहीं, शादी अनुदान योजना में 20 हजार रुपये मिलते हैं।
जिले में सामूहिक विवाह के तहत 959 जोड़ों की शादी का लक्ष्य था, लेकिन विभाग ने एक वर्ष में सिर्फ 889 जोड़ों की शादी कराई। 70 जोड़ों पर 70 लाख रुपये खर्च नहीं हो सके। शादी अनुदान योजना का प्रदर्शन और भी खराब रहा। अनुसूचित वर्ग में 985 के सापेक्ष 103 और सामान्य वर्ग में 593 के सापेक्ष 68 लाभार्थियों को लाभ दिया गया। 10 फीसदी से भी कम लाभार्थी इस योजना से लाभान्वित हुए।
इस योजना में प्रति लाभार्थी 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। निदेशालय ने करीब 800 लाभार्थियों के लिए 1.60 करोड़ रुपये जारी किए थे। हालांकि, विभाग सिर्फ 34 लाख रुपये ही खर्च कर सका। विभाग को दोनों योजनाओं का करीब 1.25 करोड़ रुपये निदेशालय को वापस करना पड़ा। यह दर्शाता है कि विभाग वित्तीय संसाधनों का सही उपयोग नहीं कर पाया।
वर्जन-
शादी अनुदान योजना में कम लाभार्थी आवेदन करते हैं। सामूहिक विवाह योजना में ज्यादा अनुदान मिलने के कारण अधिकतर लोग उसी में आवेदन करते हैं। सामूहिक विवाह का लक्ष्य लगभग पूरा हो गया है।
शिवम सागर, समाज कल्याण अधिकारी