कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओ को लेकर की जा रही मनमानी व आउटसोर्सिंग से की गई भर्ती का मामले ने तूल पकड़ लिया है। पूरे प्रकरण में सांसद ने तीन सदस्यीय टीम से जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। वहीं पूरे मामले से मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य को भी अवगत कराया है।
सांसद ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बताया कि मेडिकल कॉलेज में एक सिक्योरिटी कंपनी द्वारा अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा रही है। भर्ती में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य व सिक्योरिटी कंपनी की मिली भगत से धांधली कर धन उगाही की गई है। उन्हें कुछ लोगों ने इसकी जानकारी दी। जिसमें अभ्यर्थियों ने बताया है कि कंपनी ने बिना प्रचार-प्रसार किए वेबसाइइट बनाकर रजिस्ट्रेशन के नाम पर 570 रुपये लिए। सांसद ने यह भी लिखा है कि कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा पैसे लेकर नियुक्तियां कराई जा रही हैं। इसमें कुछ अभ्यर्थियों से पैसे की मांग की जा रही है। इस पर सांसद ने की गई नियुक्तियां निरस्त करते हुए उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
बता दें कि मेडिकल कालेज में 193 पदों पर न्यू पैंथर सिक्योरिटी कंपनी ने भर्ती शुरू की थी। इसमें कई अभ्यर्थियों का चयन कर नियुक्ति करा दी गई। इसमें कुछ अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया तो कुछ का चयन नहीं हुआ। इस पर अभ्यर्थियों ने शिकायत करनी शुरू की। मामला संज्ञान में आने पर सांसद ने चयनित अभ्यर्थियों की सूची मांगी थी। साथ ही प्राचार्य डॉ. सज्जन लाल वर्मा से भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इस पर प्राचार्य ने रोक लगाते हुए संबंधित कंपनी से चयनित अभ्यर्थियों का ब्योरा मांगा था। इसके बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
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वर्जन........
मेडिकल कॉलेज में भर्ती को लेकर मेरे पास लगातार शिकायतें आ रही हैं। पूरे मामले की जांच कराने व संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को तीन सदस्यीय टीम बनाकर जांच कराने के लिए पत्र लिखा है। इसके अलावा मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भी जानकारी दी है। भर्ती पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी। - देवेंद्र सिंह भोले, सांसद अकबरपुर
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अनुपस्थित लोगों से स्पष्टीकरण तलब, काटा वेतन
राज्यमंत्री के निरीक्षण में दो डॉक्टर व 46 कर्मचारी अनुपस्थित मिले थे। इस पर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने सभी का वेतन काटने के साथ स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीएमएस व प्राचार्य को दिए थे। सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि अनुपस्थित मिले कर्मचारियों में कुछ कर्मचारी फैकल्टी के हैं। उनके यहां के दो डॉक्टर व कुछ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए थे। जिनसे स्पष्टीकरण तलब करते हुए वेतन काटने की कार्रवाई की गई है। साथ ही सभी को निर्देशित किया गया है कि समय से अस्पताल पहुंचे। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कर्मचारी साधे रहे चुप्पी, नहीं दिखे बाहरी लोग
मेडिकल काॅलेज में जिन लोगों की कंपनी द्वारा नियुक्ति की गई थी, उनकी ओपीडी, लैब, ऑफिस व अन्य जगहों पर ड्यूटी थी। शनिवार को एक भी कर्मचारी नजर नहीं आया। वहीं बाहरी लोग भी नजर नहीं आए। इसको लेकर कर्मचारी आपस में कई तरह की चर्चाएं करते रहे। वहीं कुछ कर्मचारी नियुक्ति को लेकर दफ्तर के कर्मचारियों से जानकारी करते दिखे।