दरोगा ने अपराधियों की तरह बांधकर पीटा
इसी दौरान गोविंदनगर थाने में तैनात दरोगा जीतेंद्र बहादुर सिंह ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। बच्चों ने जब इसका विरोध किया, तो दोनों को थाने ले गए। यहां दरोगा ने गाली गलौज करते हुए उन्हें अपराधियों की तरह बेरहमी से बंधक बनाकर पिटाई शुरू कर दी। इधर काफी देर इंतजार के बाद जब दोनों बच्चे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन करते हुए थाने पहुंचे।
पुलिस कमिश्नर ने एसीपी बाबूपुरवा को सौंपी जांच
यहां बच्चों को सलाखों के पीछे देख उनके होश उड़ गए। परिजनों ने जब बच्चों का आरोप पूछा तो दरोगा और मुंशी ने उनसे अभद्रता करते हुए थाने से भगा दिया। वहीं बाइक को सीज कर दोनों के ऊपर शांतिभंग में चालान कर दिया। घर पहुंचे बच्चों ने परिजनों ने पुलिस द्वारा की गई बर्बरता और चोटों के निशान दिखाए। मामले में पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड से दरोगा को लाइन हाजिर कर मामले की जांच एसीपी बाबूपुरवा को सौंपी है।
एक दूसरे से मारपीट का आरोप लगा शांतिभंग में की कार्रवाई
मामा जीतेंद्र गोयल ने बताया कि थाने पहुंचे परिजनों ने बच्चों के करियर की दुहाई देते हुए दरोगा से कार्रवाई न करने की गुहार लगाई। पैर तक पकड़ लिए, लेकिन दरोगा कार्रवाई की जिद पर अड़े रहे। वह लगातार परिजनों को थाने से बाहर जाने की बात कहते हुए अभद्रता करते रहे।
गोविंदनगर में छात्र की पिटाई करने के आरोप में दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। प्रकरण की जांच एसीपी बाबूपुरवा संतोष कुमार सिंह द्वारा की जाएगी। -प्रमोद कुमार, डीसीपी, दक्षिण