दिल्ली, ग्वालियर, राजस्थान में कहर बरपाने वाले स्वाइन फ्लू के खतरनाक वायरस ने शहर में भी दस्तक दे दी है। स्वाइन फ्लू से शहर में पहली मौत हुई है।
जूही लाल कॉलोनी निवासी ढाई साल की आप्ती पटेल ने बुधवार देर शाम एक नर्सिंग होम में दम तोड़ दिया था। हालांकि उसके स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की रिपोर्ट गुरुवार शाम को सीएमओ कार्यालय को मिली।
आप्ती के पॉजिटिव होने की जानकारी के बाद नर्सिंग होम में उसके इलाज से जुड़े डॉक्टरों व कर्मचारियों में हड़कंप है। नर्सिंग होम के सीएमएस ने बच्ची की मौत की पुष्टि की है।
साथ ही कहा है कि इस संबंध में शुक्रवार को वह सीएमओ से रिक्वेस्ट करेंगे कि डॉक्टरों व कर्मचारियों को स्वाइन फ्लू की दवा खिलाई जाए। महेश वर्मा बीएसएफ में तैनात हैं।
उनका परिवार जूही लाल कॉलोनी में निवास करता है। कुछ दिन पहले उनकी बेटी आप्ती को जुकाम के बाद सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो परिजनों ने उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया।
भर्ती कराते समय डॉक्टरों ने कहा कि आप्ती को सीवियर निमोनिया है। बाद में लंग्स डैमेज होने की जानकारी दी। बुधवार सुबह आप्ती के थ्रोट कल्चर के लिए सैंपल लिया गया।
सीएमओ कार्यालय के माध्यम से सैंपल केजीएमयू लखनऊ जांच को भेजा गया। इसके साथ ही दो अन्य महिलाओं के सैंपल भी भेजे गए।
गुरुवार देर शाम केजीएमयू की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में आप्ती को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने की जानकारी दी गई। अन्य दोनों सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
परिजनों का कहना है कि वह कभी घर से बाहर नहीं जाती थी, कैसे स्वाइन फ्लू हुआ समझ में नहीं आ रहा है। उन्होंने नर्सिंग होम प्रशासन पर इलाज के नाम पर गुमराह करने और मौत के बाद स्वाइन फ्लू की जानकारी देकर खुद को बचाने का आरोप लगाया।
इधर, सीएमओ डॉ. आरपी यादव ने कहा कि शहर में स्वाइन फ्लू का पहला मामला पकड़ में आया है। अब सतर्कता बरती जा रही है।