कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध पहले 25 महाविद्यालयों को नैक में आवेदन करने पर यू-केअर्स योजना के तहत 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि निर्धारित प्रक्रिया और वेरिफिकेशन के बाद मिलेगी। यह घोषणा विश्वविद्यालय के आईक्यूएससी और कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एनआईआरएफ और नैक मूल्यांकन विषय पर कार्यशाला में की गई।
यू-केअर्स योजना का उद्देश्य कॉलेजों में एक्रीडिटेशन कल्चर को बढ़ावा देना है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की पहचान उसकी शिक्षण गुणवत्ता, शोध, नवाचार, स्टूडेंट प्रोग्रेस, ट्रांसपेरेंट गवर्नेंस और सामाजिक जिम्मेदारी से बनती है। उन्होंने कॉलेजों से अपील कर कहा कि वे क्वालिटी अश्योरेंस को अपनी नियमित कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाएं। कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि संबद्ध कॉलेजों को गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए और नैक तथा एनआईआरएफ रैंकिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए।
आईक्यूएससी के निदेशक प्रो. संदीप कुमार सिंह ने नैक और एनआईआरएफ की तैयारियों, डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा और औरैया के संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य, आईक्यूएससी कोऑर्डिनेटर और शिक्षक उपस्थित रहे। इसी विषय पर अगला सत्र 27 फरवरी को फर्रुखाबाद, उन्नाव और कन्नौज के महाविद्यालयों के लिए आयोजित किया जाएगा।