कानपुर। हनुमंत विहार थानाक्षेत्र में तंत्र-मंत्र के शक में बेटे की पीटकर हत्या करने वाले आरोपी पिता की हैलट अस्पताल में माैत हो गई। वह 20 जून 2024 से जेल में बंद था। किडनी की बीमारी के चलते उसकी डायलिसिस अस्पताल में चल रही थी। शुक्रवार सुबह जेल प्रशासन ने परिजनों को मौत की जानकारी दी। हत्यारोपी पत्नी की मौत का जिम्मेदार बेटे और बहू को मानता था।
आशानगर निवासी राकेश विश्वकर्मा (65) काॅरपेंटर का काम करते थे। परिवार में बेटा सुभाष पत्नी नंद कुमारी, दो बच्चे अंकित, खुशबू के साथ रहता था। 16 जून राकेश की बहू नंदकुमारी बच्चों संग फतेहपुर के जहानाबाद पनेरूआ गांव स्थित मायके गई थी। 19 जून की रात राकेश के साथ सुभाष छत पर सो रहा था। बारिश होने पर दाेनों नीचे आ गए थे। 20 जून की सुबह सुभाष का खून से लथपथ शव कमरे में मिला था। राकेश ने पड़ोसियों को बताया था कि बेटे को शैतान ने मार डाला है। पति की सूचना पर ससुराल आई नंदकुमारी ने ससुर और दो देवर नीरज व सुधीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पूछताछ में राकेश ने पुलिस को बताया था कि बेटे-बहू के तंत्र-मंत्र कराने की वजह से उसकी पत्नी कुसमा की काफी समय पहले मौत हो गई थी। इसकी वजह से बेटे को माैत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने राकेश को जेल भेज दिया था। बेटे कृष्ण कुमार ने बताया कि पिता किडनी की बीमारी से ग्रसित थे। डायलिसिस के लिए जेल पुलिस हैलट लेकर आती थी।