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Kanpur News: घायल मासूम को लिए सीएचसी में भटकते रहे परिजन, डॉक्टर न होने से नहीं मिला इलाज

Wed, 01 Apr 2026 02:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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डेरापुर। नगर स्थित सीएचसी में डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों की मनमर्जी मरीजों पर भारी पड़ रही है। मंगलवार दोपहर को गिरने से घायल हुए मासूम का इलाज करवाने के लिए परिजन सीएचसी परिसर में भटकते रहे लेकिन उन्हें कोई डॉक्टर नहीं मिला। मासूम की हालत बिगड़ती देख परिजन को सीएचसी में इलाज की आस छोड़ निजी क्लीनिक पर मासूम को भर्ती करवाकर उपचार करवाना पड़ा।
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डेरापुर के श्याम नगर निवासी अंकित मिश्रा के बेटे सक्षम (3) को मंगलवार दोपहर को खेलने के दौरान गिरने से सिर में गंभीर चोट आ गई। रक्तस्राव बंद न होने पर अंकित व उनके पिता मदन मोहन मिश्रा दोपहर तीन बजे के करीब सीएचसी की इमरजेंसी पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में कोई डॉक्टर व फार्मासिस्ट न होने के चलते परिजन मासूम को गोद में लिए काफी देर तक सीएचसी में भटकते रहे। खून बहना बंद न होने और मासूम की हालत बिगड़ती देख परिजन उसे इलाज के लिए निजी क्लीनिक पर ले जाने लगे। इस दौरान अस्पताल में डॉ. एस सिंघल ने परिजन से मासूम का इलाज करने की बात कही। परिजन मासूम की हालत व सीएचसी की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए बिना इलाज करवाए ही चले गए और मासूम को एक क्लीनिक पर भर्ती करवाया। वहां उसका उपचार किया गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर दो बजे से डॉ. मनोज गुप्ता व चीफ फार्मासिस्ट वीरेंद्र सिंह को ड्यूटी पर पहुंचना था। मासूम के बाबा मदन मोहन ने फोन कर इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर व फार्मासिस्ट न होने की जानकारी दी थी। इस पर तुरंत डॉ. एस सिंघल को कॉल कर मौके पर भेजा गया था। ड्यूटी से नदारद रहने पर डॉ. मनोज गुप्ता व चीफ फार्मासिस्ट वीरेंद्र सिंह का मार्च माह का वेतन रोकने के साथ नोटिस देकर 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी दी जा रही है। अनुकूल जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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चेतावनी के बाद भी लेटलतीफी कर रहे डॉक्टर
डेरापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि डॉ. मनोज की सुबह 10 बजे से अगले दिन सुबह 10 बजे तक आकस्मिक ड्यूटी लगाई जाती है। इसके बाद भी वह इमरजेंसी में शाम पांच बजे ड्यूटी करने के लिए पहुंचते हैं और अगले दिन दोपहर दो बजे के करीब अस्पताल छोड़ देते हैं, जबकि अस्पताल की ओपीडी का समय सुबह 10 बजे से शाम चार बजे का है। उनको कई बार मौखिक चेतावनी दी गई। फरवरी माह में उनकी ओर से लेटलतीफी न करने को लेकर लिखित स्पष्टीकरण दिया गया था। इसके बाद भी उनकी ड्यूटी के प्रति लापरवाही जारी है। समय से ड्यूटी पर न आने पर उनको 10 मार्च व 16 मार्च को दो नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही उनकी लेटलतीफी के चलते अस्पताल संचालन में हो रही परेशानी को लेकर सीएमओ डॉ. एके सिंह को जानकारी दी गई है।
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