झींझक। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मेें पहले से ही खस्ताहाल पड़ी सड़कें मानसूनी बारिश के बाद और भी बदहाल हो गई हैं। शासन के निर्देश पर इन्हें गड्ढामुक्त करने की कवायद 15 सितंबर से शुरू की गई है। अफसरों को गड्ढों में तब्दील सड़कें 15 नवंबर तक हरहाल में दुरुस्त करनी हैं।
इसकी कड़ी चेतावनी डीएम की ओर से भी जारी की गई है, लेकिन 15 दिन गुजरने के बाद भी जिम्मेदार अफसरों की कवायद सिर्फ कागजों पर ही नजर आ रही है। झींझक क्षेत्र की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल पड़ी हैं। जिससे लोगों को आवागमन में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे गड्ढामुक्त सड़कों का दावा महज दिखावा ही साबित हो रहा है।
चंद महीने में ही उखड़ गइ शाहपुर की सड़क
झींझक-कंचौसी रोड से शाहपुर गांव को जाने वाली दो किलोमीटर सड़क का निर्माण करीब तीन साल पहले लोक निर्माण विभाग ने कराया, लेकिन बारिश व वाहनों के आवागमन से सड़क मेें छह माह के अंदर ही गड्ढे हो गए। जिसकी बीच-बीच में मरम्मत कराई गई, लेकिन चंद महीने में समस्या फिर हो गई।
अफसरों से शिकायत भी काम न आई
झींझक रोड से परजनी को जाने वाली दो किलोमीटर सड़क की करीब चार वर्ष पूर्व मरम्मत कराई गई थी। बीच बीच में मरम्मत होती रही। इस सड़क से परजनी, राजपुर, दयापुरवा, गोपालपुर, खितारी आदि गांवों के सैकड़ों लोगों का आना जाना लगा रहता है। मौजूदा समय में सड़क जगह-जगह उखड़ी पड़ी है।
स्थायी मरम्मत न होने से खस्ताहाल उइछा सड़क
सिकंदरा-झींझक रोड पर मुंडेरा गांव से उइछा गांव को जाने वाली दो किलोमीटर सड़क का निर्माण करीब दस साल पहले कराया गया। सड़क के उखड़ने पर कई बार पैचवर्क करा दिया गया, लेकिन स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई। जिससे सड़क पर चलना किसी खतरे से कम नहीं है।
पौने तीन साल से गड्ढों में तब्दील बलरामपुर की सड़क
कंचौसी रोड से बलरामपुर तक लोक निर्माण विभाग ने दो किलोमीटर तक सड़क का निर्माण करीब तीन साल कराया गया, सड़क बनने के मात्र दो महीने मेें उखड़ने लगी। उस दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके चलते सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील पड़ी है।
शासन के निर्देश पर सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का कार्य शुरू कराया गया है। झींझक क्षेत्र की खराब सड़कों की जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी।
- संतोष कनौजिया, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी
झींझक कंचौसी मार्ग से शाहपुर गांव को जोड़ने वाली गड्ढ़ायुक्त सड़क। (संवाद)- फोटो : AKBARPUR