दिल्ली में करीब तीन माह के प्रवास के बाद लौटते ही सांसद डॉ. मुरली मनोहर
जोशी ने केंद्र सरकार को फिर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सरकार की
प्राथमिकता को ही गलत बताया।
उन्होंने कहा कि देश में स्वास्थ्य, शिक्षा और
भोजन व्यवस्था का बुरा हाल है। पहले मूल आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए,
लेकिन सरकार ने प्राथमिकताएं बदल दी हैं।
देश में एक बुलेट ट्रेन चलाने के
लिए यदि 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे तो शिक्षा और स्वास्थ्य का
बजट तो काटना ही पड़ेगा। वर्तमान में यही हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार
को भी विकास के मुद्दों पर घेरा।
जोशी ने सोमवार को मर्चेंट चैंबर ऑफ
उत्तर प्रदेश के सभागार में ‘कानपुर के सामाजिक और आर्थिक विकास के नए
आयाम’ विषय पर बतौर मुख्य अतिथि यह बात कही।
उन्होंने कहा कि चीन और भारत
ने साथ-साथ आजादी पाई थी, लेकिन चीन, भारत से कहीं ज्यादा विकसित हो चुका
है। वजह सिर्फ यही कि उसने अपनी प्राथमिकताएं तय कीं। उसने पहले भूख पर जीत
हासिल की और फिर शिक्षा और स्वास्थ्य पर। भारत में आज भी बड़े पैमाने पर
आबादी इससे जूझ रही है।
यदि जरूरी सेवाओं को छोड़कर पहले डिजिटलाइजेशन करने
लगेंगे तो नतीजा सभी के सामने है। हम किसी भी एक चीज पर महारथ हासिल नहीं
कर सकते। आज हम इस प्रवृत्ति से ग्रसित होकर विकास कर रहे हैं कि फलां देश
ने ऐसा कर लिया तो हमें भी कर चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने बिना किसी का नाम
लिए देश और प्रदेश की पॉलिटिकल लीडरशिप पर भी सवाल उठाए। कहाकि जैसी
लीडरशिप होगी वैसा ही विकास होगा। दक्षिण के राज्यों का उदाहरण देकर कहा कि
वे विकास कर सकते हैं तो उत्तर प्रदेश क्यों नहीं? उन्होंने कहाकि प्रदेश
सरकार सैफई के बाद अब कन्नौज में हवाई अड्डा बनाने जा रही है।
इनसे कई बार
कहा कि इसे चौबेपुर में बना लें ताकि दोनों शहरवासियों को इससे राहत मिले,
लेकिन कानपुर का विकास सरकार की प्राथमिकता में नहीं।
सांसद जोशी ने गंगा सफाई अभियान पर भी तल्ख टिप्पणी
की। कहाकि गंगा दुनिया की 10 मृतप्राय: नदियों में शामिल हो चुकी है। इसकी
जलधारा कई जगह विलुप्त हो चुकी है।
सरकार पहले गंगा को जिंदा करने का
प्रयत्न करे फिर इसकी सफाई का अभियान चलाए तो ज्यादा बेहतर होगा। उन्होंने
दावे के साथ कहा कि इस तरह के अभियान से गंगा कभी साफ नहीं हो सकतीं।