कानपुर देहात। राष्ट्रीय आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत सरकार ने लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दो गुना कर दिया है। इस निर्णय के बाद जनपद में इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वर्तमान में जिले में करीब 17 हजार लखपति दीदी सक्रिय रूप से कार्य कर आमदनी कर रही हैं।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर रोजगार शुरू करती हैं। इसमें 10 से 20 महिलाओं का समूह बनाया जाता है। इसके लिए एनआरएलएम में पंजीकरण कराने के बाद महिलाएं समूह बनाकर अपना व्यवसाय शुरू करती हैं। इसमें हस्तशिल्प, सिलाई, कढ़ाई, कृषि व अन्य व्यवसाय के लिए विभाग की ओर से पहले मदद की जाती है।
जिला मिशन प्रबंधक निखा सचान ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने लक्ष्य बढ़ाया है। इससे जनपद में भी इनकी संख्या में इजाफा होगा। वहीं 2029 तक संख्या में दोगुना इजाफा होने की उम्मीद है। इस समय जिले में स्वयं सहायता समूह की करीब 35 हजार महिलाएं लखपति दीदी के नाम से पंजीकृत हैं। इसके विपरीत 17 हजार ही कारोबार के माध्यम से आमदनी कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जो महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य नहीं कर रही हैं विभाग की तरफ से अभियान चलाते हुए इन्हें जागरूक कर समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जब समूह चलाने की स्थिति में आ जाएगा, तो इनको कारोबार शुरू करने के लिए बैंक के माध्यम से ऋण दिलाया जाएगा। इस धनराशि से महिलाएं अपना व्यवसाय शुरू कर सकतीं हैं। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी और आजीविका के लिए बेहतर कार्य कर सकेंगी।
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लखपति दीदी की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए जनपद स्तर पर अभियान चलाते हुए महिलाओं को समूह से जुड़ने व कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का कारोबार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए सीसीएल के माध्यम से ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। - गंगाराम वर्मा, उपायु्क्त, एनआरएलएम