कानपुर देहात। परिवहन विभाग ने 7500 किलो क्षमता से कम भार वाले वाणिज्यिक वाहनों पर वन टाइम रोड टैक्स की सुविधा शुरू की है। ऐसे वाहन स्वामियों को व्यक्तिगत वाहनों की तरह एकमुश्त टैक्स जमा करना होगा। इसके बाद उन्हें 15 वर्षों तक अलग से रोड टैक्स नहीं जमा करना पड़ेगा।
अब तक छोटे-बड़े लगभग सभी वाणिज्यिक वाहनों को त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर रोड टैक्स जमा करना अनिवार्य था। इससे वाहन स्वामियों को बार-बार विभागीय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने से छोटे वाहन संचालकों को प्रशासनिक झंझट और समय की बचत होगी। साथ ही सरकार को भी राजस्व मिलेगा और वाहन मालिकों को दीर्घकालिक राहत मिल सकेगी।
एआरटीओ (प्रशासन) प्रशांत तिवारी ने बताया कि इस नई नीति का उद्देश्य छोटे व्यवसायियों, डिलीवरी वाहनों, लोडर, छोटे मालवाहक और स्थानीय परिवहन से जुड़े लोगों को सहूलियत देना है। इससे छोटे कारोबारियों के लिए वाहन संचालन की लागत और कागजी प्रक्रियाएं सरल होंगी। इसके लिए एआरटीओ कार्यालय में 20 और 21 फरवरी को परिवहन मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसमें वाहन स्वामी एक बार ही कर के प्रावधानों का लाभ उठा सकते हैं।
..................
7500 किलो से अधिक भार वाले वाहनों के लिए रहेगी पुरानी व्यवस्था
नई व्यवस्था में अभी भी 7500 किलो से अधिक भार क्षमता वाले भारी वाणिज्यिक वाहनों पर पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। इन्हें पहले की तरह त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर रोड टैक्स देना होगा। इसमें पैसेंजर वाहन में प्रति यात्री के हिसाब से कर निर्धारित है। वहीं माल वाहक में प्रति टन के हिसाब से त्रैमासिक व वार्षिक कर की व्यवस्था है।
......................
इस प्रकार हुआ है नया परिवर्तन
यान का विवरण - एकमुश्त कर की दर
- भाड़े या किराये का दो पहिया वाहन - यान के मूल्य का 12.5 फीसदी
- तिपहिया मोटर कैब - यान के मूल्य का 07 फीसदी
- 10 लाख तक के मोटर व मैक्सी कैब - यान के मूल्य का 10.5 फीसदी
- 10 लाख से ऊपर के मोटर व मैक्सी कैब - यान के मूल्य का 12.5 फीसदी
- संनिर्माण उपस्कर यान विशेष प्रयोजन यान - यान के मूल्य का 06 फीसदी
- 3000 किग्रा भार से अधिक सकल यान - यान के मूल्य का 03 फीसदी
- 3000 से 7500 किग्रा तक - यान के मूल्य का 06 फीसदी