कानपुर देहात। एसओजी द्वारा एक युवक को हिरासत में लेने का आरोप लगा है। इसको लेकर सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट से प्रकरण न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम न्यायालय में स्थानांतरित किया गया। अदालत ने पुलिस से शनिवार को आख्या तलब की।
जिठौली निवासी रोहित सिंह के भाई रवि सिंह (25) को 18 नवंबर को एसओजी अपने साथ ले गई। इस मामले में रोहित ने अपने अधिवक्ता के साथ सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष संख्या-1 की न्यायालय में स्थानांतरित किया गया। मामले में अदालत ने थानाध्यक्ष गजनेर से 29 नवंबर तक विस्तृत आख्या तलब की है।
रोहित के अधिवक्ता ने दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 18 नवंबर को दोपहर लगभग एक बजे एसओजी टीम रवि सिंह को घर की दुकान से उठाकर थाना गजनेर ले गई, जहां कुछ समय रखने के पश्चात उसे अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। परिजन लगातार थानों, एसओजी कार्यालय तथा जिला न्यायालयों में तलाश करते रहे, लेकिन रवि की अभिरक्षा संबंधी कोई भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला। अदालत में तर्क दिया कि 24 घंटे के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत किए बिना किसी नागरिक को हिरासत में रखना संविधान तथा विधिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। उन्होंने एसओजी परिसर सहित संबंधित स्थानों पर सर्च वारंट जारी कर बंदी की बरामदगी सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया।