कानपुर देहात। नहर व माइनरों की सिल्ट सफाई के दावों की हकीकत का मुद्दा अमर उजाला ने बुधवार को उठाया तब अधिकारी चेते। ठेकेदार ने जेसीबी भिजवाई और बैना बंबी की सफाई शुरू कराई है। वहीं शाहजहांपुर माइनर की सफाई की उम्मीद जगी है।
सिंचाई विभाग के अधिकारी 30 नवंबर को ही 816 किमी लंबाई में नहर-माइनरों में सफाई पूरी होने का दावा कर रहे हैं। सिल्ट सफाई में 2.43 करोड़ रुपये खर्च आया है। सफाई में 2.43 करोड़ खर्च आया है। अब नहरों में पानी छोड़ा जाना है। इधर सिल्ट सफाई के दावों की हकीकत की पड़ताल अमर उजाला ने की तो अलग स्थिति मिली। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में माइनर व बंबी झाड़ियों से पटी मिलीं। किसानों ने बताया कि सिल्ट व उगी झाड़ियों की सफाई न होने से टेल तक पानी पहुंचने में परेशानी होगी।
भोगनीपुर प्रखंड निचली गंगा नहर इटावा के अन्तर्गत 229 किमी लंबाई में माइनरों व बंबी की सफाई के दावों की हकीकत का मुद्दा बुधवार को अमर उजाला ने उठाया। इस पर अफसर चेते। ठेकेदार से सिल्ट सफाई न कराने पर नाराजगी जताई तब ठेकेदार ने जेसीबी भेजी और वैना बंबी की सफाई शुरू कराई गई। राजपुर क्षेत्र में वैना से होते हुए कुंअरपुर व फकरापुर जाने वाली बंबी से 20 से अधिक गांवों के किसान फसल सिंचाई करते हैं। जगमोहन, सुरेश व कमल कुमार ने बताया कि पिंडार्थू माइनर से जुड़े बंबों व माइनरों की सफाई में लापरवाही की गई है। अभी शाहजहांपुर माइनर की सफाई होना शेष है।
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भोगनीपुर प्रखंड में माइनर व बंबी की सिल्ट सफाई न होने का संज्ञान लिया गया है। संबंधित एक्सईएन से ब्योरा मांगा गया है। बुधवार को ठेकेदार ने वैना नहर की सफाई शुरू कराई है। - सुरेंद्र कुमार कौशल, नोडल एक्सईएन सिंचाई