कानपुर। रेलवे और पीडब्ल्यूडी की खींचतान में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य अधर में अटक गया है। रेलवे का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने अभी तक आईआईटी के पास सिर्फ .02 हेक्टेयर (करीब 0.08 बीघा) जमीन ही मुहैया कराई है। वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का दावा है कि रेलवे के पास पहले से ही 99 प्रतिशत जमीन है। एलिवेटेड ट्रैक करीब 22,306 वर्ग मीटर (2.23 हेक्टेयर) जमीन पर तैयार होगा।
अनवरगंज से मंधना तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए राजस्व विभाग, पीडब्ल्यूडी और रेलवे की टीम ने अक्तूबर में सर्वे किया था। पीडब्ल्यूडी ने 175 मकानों को अधिगृहीत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। अब पांच महीने बीत चुके हैं लेकिन पिलर की नींव तक नहीं रखी गई। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अभिषेक यादव का कहना है कि पीडब्ल्यूडी 50 प्रतिशत से अधिक भूमि उपलब्ध कराए तो टेंडर प्रक्रिया शुरू हो।
17 क्रॉसिंग होंगी खत्म
इस ट्रैक के निर्माण के बाद जीटी रोड की 17 क्रॉसिंग का वजूद खत्म हो जाएगा। ऐसे में सालों से जाम से जूझ रहे 50 लाख शहरवासियों को राहत मिलेगी। अनवरगंज से मंधना तक पड़ने वाली 17 क्रॉसिंग दिन में कई बार बंद होती हैं। इसके निर्माण में करीब 1100 करोड़ की लागत आएगी, जो बाद में बढ़ भी सकती है।
वर्जन
रेलवे के पास पहले से ही 99 प्रतिशत भूमि है। शेष एक प्रतिशत भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसे जल्द पूरा कर रेलवे को जमीन उपलब्ध करवा दी जाएगी। अभी रेलवे की भूमि पर कार्य शुरू कराया जा सकता है। -अनूप मिश्रा, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी