कानपुर। आनंद विहार से वैशाली जा रही विक्रमशिला एक्सप्रेस 12368 के स्लीपर कोच एस-टू में उल्टी-दस्त से बच्चे की हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में सेंट्रल सेंट्रल स्टेशन पर उपचार किया गया लेकिन परिजनों ने भर्ती से कराने से इन्कार कर दिया। इस पर उन्हें जाने दिया गया।
बिहार के मधुबनी की समीरा खातून सीट नंबर दो व तीन पर सफर कर रही थीं। बच्चे को उल्टी-दस्त की शिकायत सेंट्रल स्टेशन से पहले शुरू हो गई। भीषण गर्मी के कारण तबीयत और बिगड़ी। ट्रेन शाम को लगभग पौने सात बजे जैसे ही स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच पर आई तो आरपीएफ स्टाफ व निजी क्लीनिक के डाॅक्टर कोच में पहुंचकर जांच की। प्राथमिक उपचार करते हुए उसे दवा दी। डाॅक्टर ने महिला से बच्चे की तबीयत सही न होने के कारण ट्रेन से उतर कर उसे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। इस पर वह राजी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि उपचार यहीं ट्रेन पर कर दो और दवाएं दे दो। ट्रेन लगभग सवा सात बजे तक स्टेशन पर खड़ी रही।
वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक अवधेश द्विवेदी ने बताया कि महिला बच्चे को भर्ती कराने के लिए राजी नहीं हुई। डाॅक्टर को लिखकर भी दिया। इसलिए डाॅ. आरके सिंह की टीम ने उपचार के बाद उन्हें दवाएं दीं। इसके बाद ट्रेन सेंट्रल से चली गई। जीआरपी थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया कि बच्चे का उपचार कराया गया। मां ने उसे भर्ती नहीं कराया। गंभीर हालत में लेकर चली गई।