कानपुर। देश में बढ़ते आर्थिक अपराध की रोकथाम और उन्हें पकड़ने के लिए फोरेंसिक ऑडिट के एक्सपर्ट अब शहर में भी तैयार होंगे। दि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया ने कानपुर में भी इस कोर्स की मंजूरी दे दी है। चार जून से इसकी कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। यह कोर्स सिर्फ चार्टर्ड एकाउंटेंट ही कर सकते हैं।
सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के कोषाध्यक्ष सीए दीपचंद मिश्रा ने बताया कि संस्थान में रजिस्टर्ड सीए के लिए पूरे कोर्स की फीस 25 हजार रुपये निर्धारित की गई है। पांच साल से कम रजिस्ट्रेशन वालों के लिए 20 हजार रुपये फीस है। पहली बार में 30 चार्टर्ड एकाउंटेंटों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। पूरे कोर्स के लिए सिर्फ 10 कक्षाएं लगेंगी। इसके लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार का दिन तय किया गया है। देश के जाने माने फोरेंसिक एक्सपर्ट शहर आकर क्लास लेंगे। उन्होंने बताया कि यह कोर्स चार्टर्ड एकाउंटेटों के लिए ही उपयोगी है, क्योंकि वही इसकी बारीकी वही ठीक तरह से समझ सकते हैं।
फोरेंसिक ऑडिट पर सेमिनार सात को
कानपुर। तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था और वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया की सेंट्रल काउंसिल की ओर से सात मई को फोरेंसिक एकाउंटिंग एंड फ्रॉड प्रिवेंशन सर्टिफिकेट कोर्स के संदर्भ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें एकाउंटिंग, ऑडिटिंग की उपयोगिता, डाटा एवं तथ्यों को तलाशने, फ्रॉड और गलतियां पकड़ने के लिए खोजबीन करने के गुण आदि विषय पर जानकारी पर जागरूक किया जाएगा। सीए दीप चंद्र मिश्रा ने बताया कि बैंकों में लगातार बढ़ रहे एनपीए के कारण फोरेंसिक ऑडिट की जरूरत भी महसूस की जा रही है। पंजाब नेशनल बैंक के रिकवरी डिपार्टमेंट ने हाल ही में फोरेंसिक ऑडिट के पैनल में शामिल होने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंटों से आवेदन मांगे हैं। इसलिए यह कार्यशाला सीए के अलावा वित्तीय गतिविधियों से जुड़े सभी लोगों के लिए आवश्यक है। इसमें रजिस्ट्रेशन के लिए फीस निर्धारित की गई है। छह मई तक चेक व ड्राफ्ट से रजिस्ट्रेशन कराने पर 800 रुपये, उसकी दिन रजिस्ट्रेशन कराने पर एक हजार रुपये कैश लिया जाएगा।