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Kanpur News: डॉक्टर के निधन के बाद से कुर्सी खाली, महिला वार्ड में भरा कबाड़

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कानपुर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सचेंडी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है। हालत यह है कि केंद्र में कोई डॉक्टर नहीं है। सात जुलाई को डॉ. धर्मवीर प्रताप सिंह के निधन के बाद से स्वास्थ्य केंद्र बिना चिकित्साधिकारी के ही चल रहा है। यहां प्रसव कक्ष और महिला वार्ड है लेकिन आज तक कोई प्रसव नहीं हुआ। महिला वार्ड में कबाड़ भरा हुआ है। केंद्र में पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है और न ही सफाई होती है। केंद्र में तैनात स्टाफ का कहना है कि यहां सफाईकर्मी की नियुक्ति ही नहीं हुई।
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बिधनू के जुगराजपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इस गांव के अलावा रुद्रपुर, दिलीपपुर, सचेंडी, बिनौर, कटरा घनश्याम, कटरा भैंसोट, लालशाह का पुरवा समेत 12 गांवों की आबादी निर्भर है। इसी वजह से केंद्र को सीएचसी बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन के निर्देशों के मुताबिक न तो यहां रोगियों के बैठने के लिए कोई जगह निश्चित है और न ही पीने के पानी की व्यवस्था है। जब अमर उजाला की टीम इस केंद्र पर पहुंची तो कोई रोगी नहीं मिला। लैब टेक्नीशियन पंकज सिंह, फार्मासिस्ट प्रमोद चतुर्वेदी, एएनएम आराधना गुप्ता, स्टाफ नर्स सोनी राठौर मौजूद मिलीं। उन्होंने बताया कि यहां औसत 25 रोगी रोज आते हैं।
एक कमरे पर प्रसव कक्ष लिखा हुआ था। स्टाफ ने बताया कि यहां स्त्रीरोग विशेषज्ञ नहीं है। बताया कि वार्ड में पानी टपकता है। इस वजह से बेड हटा दिए गए। वेलनेस सेंटर खाली है लेकिन योग सिखाने वाला कोई नहीं है। कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर महीने में एक बार सबको योग के लिए बुलाते हैं। पानी की मोटर लगी थी लेकिन चोरी हो गई। केंद्र के बाहर बने बाकी कक्ष बंद मिले। परिसर में बारिश का पानी भरा हुआ था।
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