सिकंदरा। पिंडार्थू नहर से जुड़े रसधान रजबहा के उफनाने से आसपास की करीब 90 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों की फसल प्रभावित होने से किसानों में रोष है। उन्होंने जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
सिकंदरा क्षेत्र के रोहनी समेत मुरलीपुर, कलेनापुर, असलनापुर के किसान अपनी राई आदि फसलों की कटाई की तैयारी में जुटे थे। इसी बीच पिंडार्थू रजवहा उफनाने से खेतों में पानी पहुंच जाने से फसलें प्रभावित हो गईं। किसान शरद द्विवेदी, राहुल दुबे, दिलीप शुक्ला, बालमुकुंद, गुड्डन, राजू कटियार, पंकज दीक्षित, रोहन, पवन शुक्ला, अश्विनी शुक्ला, जनार्दन आदि ने बताया कि पिंडार्थू रजवहा की साफ सफाई के साथ पटरी की मरम्मत करवाई गई थी।
इसमें भी जिम्मेदारों ने अनदेखी की। जिसके चलते पटरी फट जाने से पानी किसानों के खेतों में पहुंच गया। स्थिति इतनी गंभीर है कि किसान स्वयं मिट्टी खोद कर पटरी को सुरक्षित करने में जुटे हैं। किसानों का कहना है की सूचना देने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने मौके पर आना उचित नहीं समझा। मामले में एसडीएम सिकंदरा प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी संबंंधित विभाग के अधिकारियों को देकर पानी का बहाव आधा करवा दिया गया है। इससे पानी किसानों के खेतों में पहुंचना बंद हो गया है।