बनारस में हुईं थी शादी की रस्में
जितेंद्र ने ही लड़की को बनारस के एक मंदिर में दिखवाया। सारी बात तय होने के बाद वह बेटे अंकित, पत्नी स्नेहलता और साढ़ू शांतिलाल के साथ चार फरवरी को बनारस पहुंचे। पांच फरवरी को बनारस के ही एक गांव में स्थित घर में शादी की रस्में हुईं।
छह फरवरी की रात को वह लोग बनारस से मरुधर एक्सप्रेस पर सवार हुए। साथ में गुड्डी भी थी। जिस सीट पर वह लोग बैठे वहां पास में ही एक युवक भी आकर बैठ गया। ट्रेन कुछ दूर ही चली थी कि बहू ने नमकीन (दालमोठ) खाने की इच्छा जताई।
नमकीन में दिया था नशीला पदार्थ
इस पर युवक ने नमकीन दे दी, जिसे उन लोगों ने भी खाया। नमकीन खाने के बाद वह लोग बेहोश हो गए। इसके बाद सुबह जब नींद खुली तो वह और परिवार के लोग जिला अस्पताल में थे। कन्हैयालाल ने बताया कि शादी में उन्होंने करीब एक लाख रुपये खर्च किए थे। करीब साठ हजार रुपये लड़की के घर वालों ने लिए थे।
परिवार के सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया
जीआरपी इंस्पेक्टर संजय खरबार ने बताया कि पूरा परिवार ठगी का शिकार हुआ है। मरुधर एक्सप्रेस के स्टेशन पर रुकते ही यात्रियों ने चार लोगों के बेहोश होने की जानकारी दी थी। इस पर इन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
शादी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय
जीआरपी इंस्पेक्टर संजय खरबार ने बताया कि शादी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह भोलेभाले लोगों को पहले अपने जाल में फंसाता है। शादी कराने के नाम पर रुपये ले लेता है। शादी के बाद दुल्हन ससुराल भी नहीं पहुंच पाती और रास्ते में ही इस तरह की घटना हो जाती है।