कानपुर में धर्मपरिवर्तन मामले में आरोपी मोहम्मद मोसीन खां उर्फ समीर को स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट कोर्ट से जमानत मिल गई है। एक-एक लाख की दो जमानतों व निजी मुचलके पर कोर्ट ने मोसीन को रिहा करने का आदेश कर दिया है।
पनकी थाने में 24 अगस्त को मो. मोसीन खान उर्फ समीर खान, मो. फैसल व आमिर व शाहरुख, मो. शाहरुख के खिलाफ धमकाने व एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पांचों लोगों पर गैंग बनाकर लड़कियों को जबरन प्रेमजाल में फंसाकर अपहरण करने और निकाह के नाम पर धर्मपरिवर्तन कराने का आरोप लगा था। चार आरोपी जेल में हैं। मो. फैजल फरार है। कोर्ट ने मोसीन की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है।
पीड़िता वयस्क, कहीं भी जाने को स्वतंत्र
धर्मपरिवर्तन मामले में पनकी की पीड़िता की सुपुर्दगी को लेकर पीड़िता के पिता और ससुर के बीच चली खींचतान पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। सीएमएम चिंताराम ने दोनों के प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करते हुए आदेश दिया कि पीड़िता 25 वर्षीय वयस्क है और अपनी मर्जी से कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र है। वह जहां जाना चाहे विवेचक उसे सुरक्षित पहुंचा दें।
पीड़िता ने कोर्ट में दिए बयान में माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया था। तब पीड़िता को नारी निकेतन भेजा गया था। इस दौरान पीड़िता के ससुर ने जहां कोर्ट में निकाह का हवाला देते हुए अपनी बहू की सुपुर्दगी मांगी वहीं पीड़िता के पिता ने जबरन धर्म परिवर्तन कर बरगलाने और असुरक्षा की बात कहकर बेटी की सुपुर्दगी मांगी थी।