कानपुर। शहर के बड़े कारोबारी समूह के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग का सर्वे लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। जांच में अफसरों को बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। कपड़ा कारोबार में होने वाली कमाई को रियल इस्टेट के प्रोजेक्ट में लगाने के दस्तावेज अफसरों को हाथ लगे हैं। स्टाक में बड़ी गड़बड़ी मिली है। दस्तावेजों और मौजूद माल में बहुत ज्यादा का अंतर मिला है। नकदी में भी बड़े पैमाने पर कारोबार किया जा रहा था।
आयकर विभाग की अलग-अलग टीमों ने समूह के 11 ठिकानों पर बुधवार को सर्वे शुरू किया था। समूह कपड़ा, रियल इस्टेट और डिटर्जेंट कारोबार से जुड़ा है। उन्नाव में समूह की साबुन और डिटर्जेंट फैक्टरी है। अफसरों ने नयागंज, दालमंडी, गुमटी नंबर-पांच, स्वरूपनगर, पीरोड, लाल बंगला, कोकाकोला चौराहा, रतनलालनगर, जनरलगंज स्थित कपड़े के शोरूम व कार्यालयों में एक साथ जांच शुरू की थी।
सूत्रों के अनुसार, टीमों को वित्तीय रिकॉर्ड, बिक्री व खरीद से जुड़े कागज, बैंक इस्टेटमेंट और अन्य कर दस्तावेजों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी मिली है। कपड़ा के सभी शोरूम में ज्यादा स्टाॅक मिला है जबकि दस्तावेजों में स्टाॅक कम दिखाया जा रहा था। शुरूआती जांच में बड़े पैमाने पर कर चोरी के दस्तावेज अफसरों को मिले हैं। सूत्रों के अनुसार कपड़ा कारोबार में जो कमाई हो रही थी उस पर बिना कर चुकाए मैनावती मार्ग स्थित रियल इस्टेट प्रोजेक्ट में लगाया जा रहा था। रियल इस्टेट और डिटर्जेंट और साबुन के कारोबार से जुडे समूह की पिछले पांच साल के दौरान टर्नओवर व आमदनी का ब्योरा जांचा जा रहा है। टर्नओवर के एवज में आयकर नहीं चुकाया जा रहा था।