कानपुर। एक कमरे में चल रहे संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) के बरामदे में पांच साल के टिटनेस रोगी गुलफरान ने मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया। सारी रात उसका शरीर ऐंठता रहा और झटके आते रहे। सुबह सांस रुक गई। रात भर वह ऑक्सीजन पर रहा है। कबाड़घर बने आईडीएच में उसकी ढंग से देखरेख भी नहीं हो पाई।
कन्नौज के रहने वाले तौफीक के बेटे गुलफरान को गंभीर हालत में सोमवार को भर्ती किया गया था। कन्नौज जिला अस्पताल से उसे आईडीएच के लिए रेफर किया गया। आईडीएच के एक कमरे के वार्ड में सिर्फ चार बेड हैं जिन पर तीन डिप्थीरिया के रोगी भर्ती रहे और एक बेड पर टिटनेस का रोगी रहा। गुलफरान को बरामदे में बेड डालकर लिटा दिया गया।
वह सीएमएस डॉ. आरएस सिंह के अंडर में भर्ती हुआ था। उसे ऑक्सीजन और ड्रिप लगा दी गई। गुलफरान को लगातार झटके आते रहे। बाद में मौत हो गई। डॉ. सिंह ने बताया कि वह गंभीर हालत में आया था। सुबह रोगी का निधन हो गया।