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खुलासा: आतंकी कर रहे थे हत्या करने का रिहर्सल, एक रिटायर्ड प्रिंसिपल को उतारा मौत के घाट

Fri, 10 Mar 2017 01:17 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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पकड़े गए आईएसआईएस के आतंकियों से संबंधित नया खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि ये आतंकी हत्या करने का रिहर्सल करने के लिए कई कत्ल कर चुके हैं। इस बारे में इंदौर एटीएस के अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि आरोपी 24 अक्तूबर 2016 में कानपुर में हुई रिटायर्ड प्रिंसिपल की हत्या में शामिल थे। इन वारदातों में आईएसआईएस का गुर्गा सैफुल्लाह, आतिफ और उसके साथी शामिल रहे हैं।
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इसके अलावा इन्होंने मंधना में रेल पलटाने की साजिश भी रची। लूट और अन्य हत्याओं के इनपुट मिलने पर पुलिस ने शहर में हुई बड़ी वारदात की कुंडली खोल दी। एटीएस भी अजहर और गौस मोहम्मद से इस बारे में पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि रकम इकट्ठा करने और हत्या करने का रिहर्सल करने के लिए ये वारदातें की गईं। 

 

दनादन छापे, अजहर का घर, दुकान खंगाली

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पकड़े गए आईएसआईएस गुर्गों के साथियों और अन्य सबूतों की तलाश में पुलिस और एटीएस ने शहर भर में छापेमारी की। देर रात तक चली कार्रवाई के दौरान एटीएस और पुलिस ने अजहर उर्फ शकील केघर और दुकान से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, सीडी और कुछ फोटोग्राफ्स समेत तमाम सामान कब्जे में लिया है। अजहर के पिता असगर को भी साथ ले गए, लेकिन देर रात उन्हें छोड़ दिया गया। टीमों ने शहर से सात लोगों को उठाया है। शक के दायरे में आए इन लोगों से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। जीएम खान, फैसल के घर जाजमऊ में भी दबिश दी गई। पुलिस अजहर केमोबाइल और लैपटॉप के जरिए आतिफ से ग्रुप से जुड़े और लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि आतिफ ग्रुप के सरपस्त और मददगार कुछ लोग अभी गिरफ्त से बाहर हैं।

 
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देश में तबाही फैलाने की खाई थी कसम

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आईएसआईएस के संदिग्ध गुर्गे अजहर ने जांच अफसरों को बताया है कि 2012 में उसने और उसके साथियों ने देश में तबाही मचाने की हलफ (शपथ) ली थी। इसके लिए लगभग पांच साल से काम चल रहा था। अजहर से पूछताछ में शामिल रहे एक अफसर के मुताबिक अजहर ने बताया कि 2011 में उसकी मुलाकात आतिफ से हुई थी। उस दौरान आतिफ जेहादी बातें करता था। वह सिमी और इंडियन मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियों से प्रभावित था। वह कहता था कि भारत में मुस्लिमों को उनका हक नहीं मिलता है। मुस्लिमों पर अत्याचार होता है, उनकी मांगों को दबाया जाता है। मुस्लिमों को उनका हक दिलाने के लिए जेहाद छेड़ने की जरूरत है। 
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