लखनऊ में गिरफ्तार किया गया आतंकी आमिर अपने रिश्तेदार हुमेद के साथ कई बार कानपुर आ चुका है। सूत्रों के मुताबिक कानपुर में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए आमिर व उसके कई साथी भी यहां आए थे। कई इलाकों की रेकी भी की। यही नहीं शहर को स्लीपिंग मॉड्यूल का ठिकाना बना रखा था। सभी अपने साथ लोकल लोगों को जोड़ने की कवायद कर रहे थे। वह उन लोगों को लालच भी दे रहे थे। जुलाई में पकड़े गए अलकायदा समर्थित आतंकियों से भी सुरक्षा एजेंसियां इनका कनेक्शन तलाश रही हैं।
यूपी एटीएस ने आतंकियों की धरपकड़ तेज कर दी है। मंगलवार को पकड़े गए आतंकियों का कनेक्शन कानपुर से भी सामने आया है। एक आतंकी के रिश्तेदार की ससुराल रोशननगर रावतपुर में है। वह भी संदिग्ध की सूची में है। उसकी तलाश में बुधवार को एटीएस की टीम ने रावतपुर में दबिश दी। वहीं एक अन्य संदिग्ध की तलाश में जाजमऊ के इलाके में छानबीन की। एक-दो संदिग्धों को हिरासत में भी लेने की चर्चा है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस ने मंगलवार को दिल्ली और यूपी से छह आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ओसामा, मूलचंद, अबू बकर, जीशान, समीर और आमिर जावेद पकड़े गए थे। आमिर लखनऊ का रहने वाला है। सूत्रों के मुताबिक आमिर का बहनोई प्रयागराज का रहने वाला है। बहनोई के भाई हुमेद की भूमिका भी संदिग्ध है। उसकी तलाश एटीएस कर रही है। इस बीच पता चला कि हुमेद की ससुराल कानपुर के रावतपुर में है।