कानपुर में आतंकियों के मददगार शकील को एटीएस नई सड़क भी ले गई, जहां उनकी मुलाकात आफाक से हुई थी। सूत्रों के अनुसार मिनहाज और मुशीर लईक के साथ कानपुर आए थे और आफाक से उनकी पहली मुलाकात नई सड़क पर हुई थी। वहां से आफाक उन्हें एक घर में ले गया था, जहां पर पिस्टल दिखाई गई थी।
उसके सप्ताह भर बाद पिस्टल खरीदने को लेकर दोनों का समझौता हुआ था। आफाक ने लईक को पंद्रह हजार रुपये में कंट्रीमेड पिस्टल बेची थी। जब असलहा समझ में आ गया तो मिनहाज ने इंपोर्टेड पिस्टल की भी मांग रखी थी। लईक ने आफाक से ही इस पिस्टल का इंतजाम कराने के लिए कहा था।