इसलिए पालतू कुत्तों से खतरा
कुत्तों को पालने वाले लोग इन्हें सड़कों, पार्कों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों में टहलाते हैं। इस वजह से लोगों के काट लेने का खतरा रहता है। हाल में गाजियाबाद के एक अपार्टमेंट की लिफ्ट में जंजीर से बंधे पालतू कुत्ते ने मासूम बच्चे को काट लिया था। 12 दिन पहले गाजियाबाद के ही एक पार्क में भी बच्चे को कुत्ते ने काट लिया।
यहां है आवारा कुत्तों का खतरा
गुमटी, परेड, दर्शनपुरवा, डबलपुलिया, गोविंदनगर, किदवईनगर, साकेतनगर, चमनगंज, बेकनगंज, यशोदानगर समेत तमाम वे इलाके जहां मीट-मछली की दुकानें हैं।
नगर निगम के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में रोज औसतन 35 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए भी अभियान चल रहा है।
कोई भी कुत्ता पालक नगर निगम मुख्यालय स्थित कमरा नंबर - 36 में आकर पालतू कुत्ते का पंजीकरण करा सकता है। 30 सितंबर तक पंजीकरण न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसमें जुर्माने से लेकर पालतू कुत्ते को जब्त करने का प्रावधान है।