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Attacks Of Dogs: सड़कों पर रहता आवारा कुत्तों का आतंक, रात में बढ़ जाता है ज्यादा खतरा

Fri, 23 Sep 2022 11:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कुत्तों के बढ़ते हमले के बीच नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में रोज औसतन 35 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए भी अभियान चल रहा है।
 
 
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हिंसक कुत्ते - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर शहर में एक लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते आफत बन चुके हैं। रात होते ही सड़कों पर इनका आतंक शुरू हो जाता है। निकल भर जाओ, झुंड का झुंड दौड़ा लेता है। इसके साथ ही 20 हजार से ज्यादा पालतू कुत्ते भी खतरा बने हुए हैं। जिला अस्पताल उर्सला से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रोज लगभग 500 लोग एंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।

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घनी आबादी वाले मोहल्लों से लेकर नवविकसित क्षेत्रों में एक लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। इनके अलावा 20 हजार से ज्यादा देशी, विदेशी नस्ल के पालतू कुत्ते भी हैं, पर नगर निगम में मात्र 995 पालतू कुत्तों का ही पंजीकरण है, जिन पालतू कुत्तों के पंजीकरण नहीं हैं, उनमें से ज्यादातर ने उन्हें एंटीरैबीज वैक्सीन नहीं लगवाई है।
गाजियाबाद में ऐसे कुत्तों के काटने के मामले प्रकाश में आने के बाद नगर निगम को पालतू कुत्तों के पंजीकरण की सुध आई। इसके लिए अभियान चलाया जा रहा, जो 30 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद गैर पंजीकृत पालतू कुत्तों के मालिकों पर कार्रवाई होगी। अभियान से पहले नगर निगम में मात्र 274 पालतू कुत्ते ही पंजीकरण थे।

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इसलिए पालतू कुत्तों से खतरा
कुत्तों को पालने वाले लोग इन्हें सड़कों, पार्कों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों में टहलाते हैं। इस वजह से लोगों के काट लेने का खतरा रहता है। हाल में गाजियाबाद के एक अपार्टमेंट की लिफ्ट में जंजीर से बंधे पालतू कुत्ते ने मासूम बच्चे को काट लिया था। 12 दिन पहले गाजियाबाद के ही एक पार्क में भी बच्चे को कुत्ते ने काट लिया।

यहां है आवारा कुत्तों का खतरा
गुमटी, परेड, दर्शनपुरवा, डबलपुलिया, गोविंदनगर, किदवईनगर, साकेतनगर, चमनगंज, बेकनगंज, यशोदानगर समेत तमाम वे इलाके जहां मीट-मछली की दुकानें हैं।

नगर निगम के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एनीमल बर्थ कंट्रोल सेंटर में रोज औसतन 35 कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए भी अभियान चल रहा है।
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कोई भी कुत्ता पालक नगर निगम मुख्यालय स्थित कमरा नंबर - 36 में आकर पालतू कुत्ते का पंजीकरण करा सकता है। 30 सितंबर तक पंजीकरण न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसमें जुर्माने से लेकर पालतू कुत्ते को जब्त करने का प्रावधान है।
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