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टेनरी विवाद: केस से सपा विधायक के बेटे का नाम बाहर, विधानसभा में भी उठा मुद्दा, जल्द लगेगी चार्जशीट

Fri, 23 Sep 2022 06:28 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जाजमऊ में 13 अगस्त को विवादित टेनरी पर कब्जा करने के प्रयास में बवाल हुआ था। मामले में एक पक्ष से विधायक का बेटा आरोपी बनाया गया था, जिसे जांच के बाद क्लीन चिट दी गई है। बता दें कि पुलिस पर गलत जानकारी देने का आरोप फर्जी निकला है।
 
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टेनरी कब्जे को लेकर हुआ विवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में शालीमार टेनरी पर कब्जा करने को लेकर हुए बवाल के मामले में पुलिस ने सपा विधायक के बेटे को क्लीन चिट देकर केस से नाम बाहर कर दिया है। दो दिन पहले विधानसभा में इस संबंध में उठे सवाल पर जो रिपोर्ट पुलिस ने भेजी थी वह भी सही थी।

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पुलिस की जांच अंतिम दौर में है। अक्तूबर के पहले सप्ताह में चार्जशीट लगाने की तैयारी है। जाजमऊ में 13 अगस्त शालीमार टेनरी को लेकर शहनाज व उनके भतीजे आमिर का आपस में विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में जमकर बवाल व मारपीट हुई थी। दरोगा प्रसून मिश्रा ने 14 नामजद व 50 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसमें सपा विधायक हसन रूमी का बेटा कामरान का भी नाम था। 13 सितंबर को जांच के बाद पुलिस ने कामरान का नाम निकाल दिया। पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया समेत कई आरोपी जेल जा चुके हैं। छह आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। पुलिस अब इसमें चार्जशीट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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विधानसभा में मुद्दा उठा
विधानसभा में दो दिन पहले अजामगढ़ के सपा विधायक दुर्गा प्रसाद व गुनौर से सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव ने इस प्रकरण को लेकर सवाल उठाए थे। जिसमें कहा था कि पुलिस ने टेनरी पर कब्जा कराया। पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। साथ ही यह भी कहा कि सपा विधायक के बेटे को फंसाया गया।

इस मामले में कमिश्नरी पुलिस ने एक रिपोर्ट भेजी। जिसमें बताया गया कि सपा विधायक के बेटे का नाम हटा दिया गया है। इस बीच एक  खबर चर्चा में आई कि पुलिस ने फर्जी रिपोर्ट भेज दी, जबकि कामरान का नाम चार्जशीट में शामिल है। जब तथ्य की पुष्टि की गई, तो पता चला कि नाम उसका बाहर हो चुका है। चार्जशीट अभी नहीं लगी है।

सवालों के घेरे में पुलिस
जब विवाद हुआ था, तब पुलिस वहां खुद मौजूद थी। मामले में खुद पुलिस वादी थी। पुलिस के सामने ही पूरी घटना हुई थी। मामले में पुलिस द्वारा खुद तहरीर लिखी गई थी। ऐसे में कामरान का नाम बाहर करने पर पुलिस ही सवालों के घेरे में आ गई है।

बता दें कि जिस तरह से कामरान को क्लीनचिट दी गई है, उससे साफ हो गया है कि पुलिस ने गलत नामजदगी की थी। इसमें ये भी हो सकता है कि किसी दबाव में नाम बाहर किया गया है। दोनों ही स्थिति में पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।
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ये था पूरा मामला
जाजमऊ में 13 जुलाई को शालीमार टेनरी पर कब्जे को लेकर बवाल हो गया था। शहनाज जहां व उनके भतीजे के पक्ष के लोग आमने सामने हो गए थे। इसमें शहनाज की तरफ से नारायण सिंह भदौरिया और उसके गुर्गे थे, तो दूसरे पक्ष से सपा नेता। दोनों के बीच जमकर बवाल और मारपीट हुई थी।
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