एक युवक ने फर्जी दरोगा बनकर सर्राफा व्यापारी से ठगी की। मामले का पता चलने पर व्यापारी के होश उड़ गए। व्यापारी ने बताया कि फर्जी दरोगा बनकर आए युवक ने अपना नाम विनय शर्मा बताया...
उरई जिले के कोटरा कस्बा में एक युवक फर्जी दरोगा बनकर सराफ की दुकान से सोने चांदी की जेवर लेकर रफूचक्कर हो गया। युवक ने अपनी तैनानी कोटरा थाने में बताई और पत्नी को जेवर दिखाकर लाने की बात कहकर कुछ जेवर साथ ले गया। काफी देर तक न लौटने पर दुकानदार ने थाने में जानकारी की तो उस नाम का कोई दरोगा थाने में नहीं निकला। पीड़ित सराफ ने थाने में तहरीर दी है।
कोटरा कस्बे के भान चौक में बाबूलाल सुनार की दुकान है। मंगलवार की दोपहर एक युवक उसकी दुकान पर कुछ जेवर खरीदने आया। उसने अपना नाम विनय शर्मा बताकर कहा कि वह दरोगा है और कोटरा थाने में तैनाती है। वह सिविल ड्रेस पहने था और पल्सर बाइक से आया था। बकौल बाबूलाल विनय ने दुकान में कुछ जेवरात पसंद किए। इसके बाद उसने कहा कि उसकी पत्नी थाने में बैठी है और वह उसे दो मिनट में जेवर पसंद कराकर आता है। इसके फर्जी दरोगा ने जेवर बैग में डाले और वहां से चला गया। करीब आधा एक घंटे इंतजार के बाद वह नहीं आया और दुकानदार घबरा गया।
उसने यह बात आसपास के दुकानदारों को बताई तो दुकान के बाहर भीड़ लग गई। इसके बाद बाबूलाल ने थाने में फोन कर दरोगा के बारे में जानकारी ली तो थाने से पता चला कि इस नाम का कोई दरोगा थाने में तैनात ही नहीं है। यह सुनकर बाबूलाल के होश उड़ गए। उसने बताया कि फर्जी दरोगा अपने साथ 15 ग्राम सोने व 400 ग्राम चांदी के जेवरात ले गया है। बाबूलाल ने थाने पहुंच कर ठगी की तहरीर दी। कोटरा थानाध्यक्ष एके सोनकर का कहना है कि हुलिए के आधार पर टप्पेबाज की तलाश की जा रही है। जरूरत पड़ी तो टप्पेबाज का स्कैच भी बनवाया जाएगा।