हाय मेरे लाल... तुम मुझे छोड़कर कहां चले गए। मैं जानती हूं... तुम आत्महत्या नहीं कर सकते, तुम्हारी हत्या हुई है। यह वही लोग हैं जिन्होंने मुझे तुमसे दूर किया था। मैं उन हत्यारों को कभी माफ नहीं कर सकती। नवाबगंज स्थित एनआरआई सिटी की नाैंवी मंजिल से कूदकर प्रखर त्रिवेदी ने मंगलवार को जान दे दी। पोस्टमॉर्टम हाउस में बेटे प्रखर त्रिवेदी के शव से लिपटकर बिलख रही मां बोस्की त्रिवेदी ने ससुराली जनों पर आरोप लगा दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2021 में अधिवक्ता पति सुधांशु त्रिवेदी उर्फ लव से विवाद के बाद कोर्ट में केस चल रहा है। चार वर्ष से कल्याणपुर स्थित मायके में रह रहीं हैं। पति और ससुरालीजनों से घरेलू हिंसा, दहेज, तलाक का विवाद मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि विवाद के चलते पति और ससुरालपक्ष के लोग बेटे को उनसे मिलने नहीं देते थे।
एनआरआई सिटी की इसी 9वीं मंजिल से गिरा प्रखर
- फोटो : अमर उजाला
यहां तक की उसके जन्मदिन पर भी उसे व उसकी सात वर्षीय छोटी बेटी से मिलने नहीं दिया गया। हालांकि, कोर्ट ने महीने में दो बार मुलाकात करने का आदेश दिया है। उनसे न मिल पाने की बंदिश के चलते वह गुमसुम रहता था।
प्रखर की मां बोस्की, नाना डा. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी व नानी निशा
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यह बात उसके दोस्तों ने बताई थी। सोसाइटी के लोगों से उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली। इसके बाद पिता डॉ. आर एन त्रिवेदी व मां निशा संग पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचीं। नवाबगंज पुलिस हादसे के समय एनआरआई सिटी के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।