कन्नौज। जिले में एक परिवार के तीन लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। विशुनगढ़ के एक प्राथमिक विद्यालय से रिटायर्ड प्रधानाध्यापक और उनके दो बेटों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उनकी रिहाइश वाला इंदरगढ़ का बहादुरपुर गांव हॉटस्पॉट घोषित हो गया है। गांव को सील करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले हरियाणा से लौटा युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया था।
बुधवार को आई रिपोर्ट ने बहादुरपुर गांव निवासी रिटायर्ड प्रधानाध्यापक सौदान सिंह (70) के घर पर बिजली गिरा दी। सौदान सिंह व बेटे कौशलेंद्र सिंह (47), कौशल किशोर (37) कोरोना संक्रमित पाए गए। दो अप्रैल को सीने में दर्द होने पर सौदान सिंह आगरा के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराए गए थे। वहां से छह अप्रैल को डिस्चार्ज किया गया। आगरा के इस हॉस्पिटल के एक डॉक्टर के कोरोना संक्रमित पाए जाने की जानकारी पर डीएम ने जांच शुरू कराई थी। 13 अप्रैल को एसडीएम छिबरामऊ गौरव शुक्ला ने परिवार की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जिला अस्पताल में सौदान सिंह, इनके बेटे कौशलेंद्र सिंह (47), कौशल किशोर (37), पत्नी अनेकश्री (64) और भतीजे सचिन (35) के सैंपल सैफई मेडिकल कालेज भेजे थे। बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में सौदान सिंह, कौशलेंद्र और कौशल किशोर कोरोना पॉजिटिव निकले। संक्रमित मिले तीनों लोगों को सीएचसी तिर्वा में बनाए गए कोविड-19 हास्पिटल में क्वारंटीन कराया जा रहा है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम को बहादुरपुर रवाना किया गया है।
सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि गांव को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरुवार को पूरे गांव को सैनिटाइज कराया जाएगा। पूरे गांव की जांच कराई जाएगी। पहले चरण में वे लोग होंगे जो इनके संपर्क में आए थे। बाद में अन्य की जांच होगी। पूर्व प्रधानाध्यापक की पत्नी व भतीजे इस रिपोर्ट में संक्रमित नहीं पाए गए हैं। फिर भी इन्हें होम क्वारंटीन किया गया है।
इलाज कराने गए थे, रोग की गिरफ्त में आए
कन्नौज। रिटायर्ड प्रधानाध्यापक सौदान सिंह व उनके दो बेटों के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी से बहादुरपुर गांव ही नहीं जिले में भी हड़कंप मच गया। हर कोई उनके संक्रमित होने के तरीके से हैरान था। सीने के दर्द पर आगरा के निजी हॉस्पिटल में इलाज कराने के दौरान सौदान सिंह संक्रमित डॉक्टर के कारण कोरोना की चपेट में आए। उनके संपर्क से दोनों बेटे संक्रमित हो गए। हालात जानकर हर कोई यही कहता दिखा, इलाज कराने गए थे, गंभीर रोग की चपेट में आ गए। साथ ही हर कदम सावधान रहने का संकल्प भी लिया गया।