विश्वविद्यालय में आयोजित वर्कशॉप में बोलते वक्ता।
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के शिक्षकों को एआई के ज्ञान में निपुण बनाया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को सीनेट हॉल में गिगनाती एआई एकेडमी के सहयोग से 10 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) की शुरुआत की गई। प्रोग्राम का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों को एआई एजेंट्स, एआई डिजिटल वर्कर्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और गिग इकोनॉमी जैसे आधुनिक तकनीकी विषयों में दक्ष बनाना है। एफडीपी में प्रतिभागियों को एआई एजेंट्स बनाना, एपीआई इंटीग्रेशन, मल्टी एजेंट फ्लो, टोकनोमिक्स और गिग वर्क इकोनॉमी सिखाई जाएगी। प्रतिभागियों से वीआईबीई (वाइब) कोडिंग, डिजिटल वर्कर्स निर्माण और एजेंटिक बिजनेस केस तैयार करने का प्रैक्टिकल कराया जाएगा।
प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कहा कि तकनीक क्षेत्र से लेकर शिक्षा, जीवन विज्ञान और ह्यूमैनिटीज सहित सभी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव का कारण एआई है। गिगनाती एआई एकेडमी के सीईओ योगेश हुजा ने कहा कि एफडीपी में हर दिन होने वाली तीन घंटे की क्लास में थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा।
कुलसचिव राकेश कुमार ने कहा कि एफडीपी दो बैच में आयोजित किया जा रहा है। पहला बैच 28 जून तक चलेगा। वहीं, दूसरा बैच दो से 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान डॉ. अंशु सिंह, डॉ. संदेश गुप्ता, डॉ. आलोक कुमार आदि उपस्थित रहे।