कानपुर देहात। माती ईको पार्क सामुदायिक सभागार में बुधवार को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हुआ। यहां मुख्य अतिथि राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अजीत सिंह पाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य हासिल करने में शिक्षकों की भूमिका अहम है। 25 शिक्षकों को प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड वितरित किए गए।
प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री की मौजूदगी में वाराणसी में हुआ। इसका सीधा प्रसारण इको पार्क में देखा गया। मुख्य अतिथि ने कहा योजना के अंतर्गत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को पांच लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनजागरूकता के लिए प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिलाध्यक्ष रेणुका सचान ने कहा शिक्षक समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी क्रय करने के लिए धनराशि भेजी गई है। इसका उपयोग शैक्षिक आवश्यकताओं के लिए ही करें। यहां सीडीओ विधान जायसवाल, एडीएम प्रशासन अमित कुमार, एएसपी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक सुबोध सिन्हा, बीएसए आशीष कुमार पांडेय, डीआईओएस बृजभूषण चौधरी आदि रहे।
इधर, रसूलाबाद में कैशलेस चिकित्सा योजना का बुधवार को तहसील सभागार में शुभारंभ हुआ। जिला पंचायत सदस्य जनार्दन सिंह ऋषि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कर्मचारियों और आमजन को बेहतर सुविधाएं दे रही है। कैशलेस चिकित्सा योजना से सरकारी कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी। उप जिलाधिकारी शिखा संखवार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्हाेंने कहा इस जनहितकारी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस दौरान पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य कार्ड भी वितरित किए गए।