मुन्नीलाल का कहना है कि पटल सहायक सुनील कुमार ने घर बुलाकर उनसे फर्जी शिक्षकों का नियुक्ति पत्र तैयार करवाया और अवैध धन लाभ अर्जित किया। मुन्नीलाल की ओर से लगभग एक माह पहले अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। वहीं सुनील कुमार की ओर से भी अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई थी जो खारिज हो गई है। मामले में जेल भेजे गए लालजी सिंह, अभिनव त्रिपाठी, दिनेश कुमार पांडे, शिवम कुमार विश्वकर्मा, हरेंद्र पांडे ने रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की थी लेकिन कोर्ट ने केस डायरी में मिले साक्ष्यों और अपराध की गंभीरता के आधार पर पांचों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।