जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके कटियार का कहना है कि पोस्ट कोविड रोगियों के फेफड़ों में अभी दिक्कत है। रोगियों का उपचार चल रहा है। पोस्ट कोविड रोगी खासतौर पर एहतियात बरतें।
पोस्ट कोविड रोगियों में नए तरह की टीबी वापसी कर रही है। इससे फेफड़ों में अधिक बदलाव आ रहा है। सांस में रोगियों को अधिक दिक्कत हो रही है। कोविड संक्रमण की वजह से रोगियों के फेफड़े कमजोर हो गए हैं। बहुत से रोगियों के फेफड़ों में फाइब्रोसिस की समस्या हो गई थी।
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दवाओं से इनकी स्थिति बेहतर हुई लेकिन टीबी संक्रमण होने पर इन्हें अधिक जटिलताएं पैदा हो रही हैं। सामान्य टीबी रोगियों की तुलना में पोस्ट कोविड रोगियों के फेफड़े तेजी से खराब होते हैं। इसके साथ ही इनके इलाज में समय लग रहा है।
इस तरह के टीबी रोगियों की संख्या डॉक्टरों के यहां लगातार बढ़ रही है। सीनियर होम्योपैथ डॉ. हर्ष निगम का कहना है कि कोविड संक्रमण के बाद टीबी रोगियों में अलग तरह के लक्षण मिल रहे हैं। कोरोना रोगियों के फेफड़े वैसे ही कमजोर हो जाते हैं। अगर इसमें टीबी संक्रमण हो तो दिक्कत बढ़ जाती है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके कटियार का कहना है कि पोस्ट कोविड रोगियों के फेफड़ों में अभी दिक्कत है। रोगियों का उपचार चल रहा है। पोस्ट कोविड रोगी खासतौर पर एहतियात बरतें। लक्षण उभरने पर फौरन जांच करा लें।