झुग्गी-झोपड़ियां तोड़कर बिछाई जा रही हैं इंटरलॉकिंग टाइल्स
झाड़ी बाबा पड़ाव के पास पुराने गंगापुल रोड को खाऊ गली बनाने के लिए सड़क के किनारे फुटपाथ पर अतिक्रमण कर बनाई गईं झुग्गी-झोपड़ियां तोड़कर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई जा रही हैं। अंग्रेजों के जमाने में बने पुराने गंगापुल के द्वार से रेलवे क्रॉसिंग तक सुंदरीकरण कराया जा रहा है। स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई जा रही हैं। इस रोड के किनारे लजीज व्यंजनों के 30 स्टॉल लगेंगे। पटरी दुकानदारों को स्टॉल आवंटित कर दिए गए हैं।
पीडब्ल्यूडी से मिली हरी झंडी
पुराने गंगापुल रोड का स्वामित्व पीडब्ल्यूडी के पास है। ऐसे में नगर निगम ने वहां खाऊ गली विकसित करने के लिए पीडब्ल्यूडी से एनओसी मांगी थी। पीडब्ल्यूडी (प्रांतीय खंड) के अधिशासी अभियंता राकेश यादव ने सशर्त हरी झंडी दे दी तो इस पुल के द्वार का भी सुंदरीकरण शुरू कर दिया गया है। इस जर्जर पुल पर डेढ़ साल से वाहनों का आवागमन बंद होने से यहां रौनक खत्म हो गई थी। खाऊ गली बनने से फिर रौनक लौटने की उम्मीद है।
बृजेंद्र स्वरूप पार्क में लगेंगे 30 स्टॉल
शहर के बीचोंबीच बृजेंद्र स्वरूप पार्क में भी खाऊ गली विकसित की जा रही है। वहां भी 30 स्टाल लगेंगे, जिनका आवंटन चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद किया जाएगा। जून में इसे शुरू भी कराने की योजना है। जाजमऊ में पुरानी चुंगी से नई चुंगी के बीच भी खाऊ गली विकसित की जाएगी।
शहरवासी पुराने गंगा पुल रोड पर विकसित की जा रही खाऊ गली में अप्रैल से जायकेदार लजीज व्यंजनों को स्वाद ले सकेंगे। जून में बृजेंद्र स्वरूप पार्क और जाजमऊ चुंगी रोड को भी गली रोड के रूप में विकसित कर दिया जाएगा। -शिवशरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त