इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम अशोक कुमार दुबे ने गैरइरादतन हत्या के दो साल पुराने मामले में तांत्रिक को आठ साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पथवरिया निवासी सुरेश कुमार सक्सेना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि उसकी पुत्री मानसिक रूप से बीमार रहती थी। इस दौरान शमशान घाट पर रहने वाले तांत्रिक ने एक दिन उसे देखकर बताया कि उस पर ऊपरी बाधा है। तांत्रिक दीपक वर्मा उर्फ दीपानंद गिरि निवासी पुरबिया टोला उसे देखने के लिए 21 अक्तूबर 2023 को घर आया।
उसे तंत्र करने के बहाने उसकी पुत्री को शारीरिक यातनाएं दीं। इससे उसकी मौत हो गई थी। तांत्रिक कुछ समय बाद जिंदा होने की बात कहकर घर से चला गया था। 22 अक्तूबर तक बेटी नहीं उठी थी। उसके शव से बदबू आने लगी। बाद में उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम कराया था।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने दीपक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छानबीन के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में हुई।
शासकीय अधिवक्ता संध्या कुशवाहा व कौशलेंद्र सिंह तोमर ने पैरवी की। उनकी ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दीपक उर्फ दीपानंद को दोषी पाते हुए आठ साल की सजा कराई गई।