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टेनरी विवाद: पुलिस कमिश्नर के पास वकीलों के साथ पहुंचा नारायण भदौरिया, अफसरों पर दबाव बनाने का प्रयास

Wed, 20 Jul 2022 01:10 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

टेनरी विवाद पर जमानत में बाहर आया नारायण भदौरिया मंगलवार को भी वकीलों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचा। उसने खुद को निर्दोष बताया और अफसरों पर दबाव बनाने का प्रयास किया। 
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टेनरी कब्जे को लेकर हुआ था विवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में टेनरी कब्जाने में फंसा पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया मंगलवार को दोबारा वकीलों के साथ पुलिस कमिश्नर के पास पहुंचा। खुद को निर्दोष होने का दावा किया। वकीलों ने भी उसकी पैरवी कर निष्पक्ष जांच की मांग की। सोमवार को भी एक अन्य वकीलों के प्रतिनिधि मंडल के साथ सीपी के पास पहुंचा था। पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी पूर्वी को जांच के आदेश दिए हैं। वकीलों को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष की जाएगी। कई सफेदपोशों के माध्यम से भी नारायण पैरवी करवाने में जुटा है।

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जाजमऊ में शालीमार टेनरी पर कब्जे को लेकर हुए बवाल में पूर्व भाजपा नेता नारायण सिंह भदौरिया को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। फिलहाल वह जमानत पर है। इस दौरान वह बचने के लिए हर जुगत में लगा हुआ है। सोमवार को भी वह वकीलों के दलबल के साथ पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचा था। वहीं मंगलवार को भी वकीलों के साथ दोबार पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा के पास पहुंचा। 

वकीलों ने जैसे ही नारायण सिंह पैरवी करनी शुरू की सीपी को पता चल गया कि वह कल भी आया था। उन्होंने वकीलों की पूरी बात सुनी। उनका कहना था कि नारायण का दावा है कि उसका बवाल से कोई लेनादेना नहीं है। इसकी अफसर से जांच करवा ली जाए। अगर वह निर्दोष है तो उस पर कार्रवाई न हो। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेकर डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार को जांच के आदेश दिए गए हैं। 

दबाव बनाने का कर रहा खेल, हर तरफ से करवा रहा पैरवी
चकेरी इलाके की विवादित जमीनों पर नारायण सिंह भदौरिया और रॉकी यादव की नजर रहती है। कुछ समय पहले बिधनू की जमीन को लेकर भी मामला सामने आया था। टेनरी पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में जब वह फंसा तो वह बचने की फिराक में जुट गया है। 

वह वकीलों के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलकर एक तरफ अपने निर्दोष होने का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ वह उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि पुलिस अफसरों का स्पष्ट कहना है कि अगर सुबूत होंगे, तो किसी भी सूरत में किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। 
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रॉकी बोला...कहां है विधायक का बेटा कामरान
पुलिस ने बवाल संबंधी कई वीडियो कब्जे में लिए हैं। एसीपी कैंट इन वीडियो के जरिये बवाल करने वालों की पहचान कर रहे हैं। एक वीडियो में आवाज सुनाई दी...कहां है विधायक का बेटा कामरान। कुछ लोगों को जब वीडियो दिखाया गया, तो एक दोनों ने अवाज पहचानते हुए कहा है कि यह आवाज रॉकी यादव की है। उसका साथी विवेक निगम भी है। इन दोनों के खिलाफ पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। उसके बाद आरोपी बनाएगी। जानकारी जुटाने पर पता चला है कि विवेक पॉक्सो एक्ट में जेल भी जा चुका है।
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