सरेराह चलते अगर कोई आपको छेड़ता है तो यह यौन हिंसा है। कानून में ऐसी हरकत के लिए सजा का प्रावधान भी है। बावजूद इसके बेखौफ महिलाओं, युवतियों और छोटी-छोटी बच्चियों के साथ छेड़खानी की वारदात होती है। इस तरह की हरकत आहट होती है एक बड़ी घटना की, एक बड़े जुर्म की। एेसी ही रूह कंपा देने वाली घटना सामने अाई है जिसने यूपी के कानून व्यवस्था की पाेल खाेलकर रख दी।
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छेड़खानी के बाद उठाया ऐसा कदम
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डेमो पिक
घटना महोबा जिले की है। यहां मां चंद्रिका महिला महाविद्यालय की एक छात्रा ने शुक्रवार की शाम जहर खाकर जान दे दी। माैत काे गले लगाना शायद उसके लिए अासान नहीं था, लेकिन फिर भी उसके यह कदम उठाया। मामले से पर्दा उठा ताे हर काेई दंग रह गया।
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कॉलेज आने जाने के दौरान रोजाना होती थी छेड़खानी
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महाेबा के सुभाषनगर की रहने वाली पिंकी की उम्र अभी महज 20 साल ही थी। उसने बड़े सपने देखे थे। अफसर बनना चाहती थी, लेकिन अपने साथ हाे रहे गलत हरकताें काे वह ज्यादा दिन नहीं बर्दाश्त कर पाई। पिंकी के पिता नंदलाल अहिरवार ने बताया कि वह मां चंद्रिका महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ने जाती थी। लेकिन कालेज आते जाते समय पड़ोस का राजू साहू अाैर सोनू नामक युवक उसके साथ सरेराह छेड़खानी व अश्लील हरकते करते थे। यही नहीं मोबाइल फोन पर भी अश्लील बाते करते थे। करीब एक माह तक छात्रा यह सब दर्द चुपचाप सहती रही। लेकिन मामला बढ़ने पर उसने यह बातें बीते 15 फरवरी को अपने परिजनों को बता दी।
परिजनों ने 16 फरवरी को कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन तत्कालीन कोतवाली प्रभारी जेपी यादव ने परिजनों को हड़काकर भगा दिया। 18 फरवरी को तहरीर देने के बाद कोतवाली प्रभारी ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। 28 फरवरी को पीड़ित के परिजनों ने अपर पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक ने एसएचओ कोतवाली को मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन कोतवाली पुलिस ने इसके बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। इससे शोहदों के हौसले और बढ़ गए। कार्रवाई न होने पर वह खुलेआम रास्ते में छेड़छाड़ करने लगे। तब 1090 महिला हेल्पलाइन को भी सूचना दी। इसके बाद भी कार्रवाई न होने से आजिज युवती ने शुक्रवार को घर पर जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर रात्रि 10 बजे उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां पर छात्रा की मौत हो गई।