कानपुर में स्वाइन फ्लू का हमला हाई ब्लड शुगर, पेट और गुर्दे के मरीजों पर अधिक हुआ है। इसके साथ ही जिन बच्चों का स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आया है, उन्हें अस्थमा और निमोनिया की शिकायत रही है।
पांच नए रोगियों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद आंकड़ा 51 हो गया है। साथ ही 10 रोगियों की मौत हो चुकी है। संक्रामक रोग अस्पताल में एक साल का बच्चा अभी गंभीर हालत में भर्ती है। स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले कई रोगियों का इलाज विभिन्न नर्सिंगहोम में चल रहा है।
कौशलपुरी के एक परिवार के तीन सदस्यों समेत रूरा और कल्याणपुर के बच्चे को माइक्रोबायोलॉजी से पुष्टि के बाद रोगियों की संख्या अर्द्ध शतक पार कर गई है। इनका इलाज करने वाले डाक्टरों का कहना है कि क्रोनिक मरीजों को रोग का अधिक खतरा बना हुआ है। जो रोगी गिरफ्त में आए हैं, उनमें कई डायबिटीज के पुराने मरीज रहे हैं। इसके गुर्दे, लिवर की दवा खाने वाले रोगियों को संक्रमण अधिक गंभीर हो गया।