केडीए स्वराज वृद्धाश्रम को नोटिस जारी कर नक्शा समेत अन्य कागजात मांगेगा। तय समय में संतोषजनक जवाब और दस्तावेज न मिलने पर ध्वस्तीकरण तक किया जा सकता है।
केडीए के रिकार्ड के अनुसार बारासिरोही की जिस जमीन पर स्वराज वृद्धाश्रम बना है, वह ग्राम समाज की जमीन है, जो रिकॉर्ड में बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। ‘अमर उजाला’ में यह खुलासा होने के बाद केडीए सक्रिय हुआ।
केडीए के संयुक्त सचिव (संपत्ति) राकेश यादव के अनुसार ग्राम समाज की जमीन पर यह आश्रम बना है, वह केडीए की जमीन है। नियमानुसार ऐसी जमीन पर कोई व्यक्ति कब्जा कर निर्माण नहीं करा सकता और यदि निर्माण करा भी लिया तो वह अवैध माना जाएगा।
केडीए उपाध्यक्ष जयश्री भोज ने बताया कि प्रवर्तन विभाग जोन - 2 के अधिशासी अभियंता से कहा गया है कि आश्रम को नोटिस जारी कर कागजात मांगे। यह पूछा जाएगा कि यह बगैर नक्शे के कैसे बन गया।
तय समय में संबंधित दस्तावेज न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। अवैध निर्माण के मामले में ध्वस्तीकरण तक हो सकता है।
स्वराज वृद्धाश्रम का मामला इनकम टैक्स विभाग पहुंचा
वृद्धों से भेदभाव करने पर स्वराज वृद्धाश्रम को दान देने में आयकर में मिलने वाली छूट बंद करने की मांग की गई है। डीएवी लॉ कॉलेज के पूर्व अध्यक्ष और एडवोकेट राजीव यादव ने चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर से शिकायत कर कहा है कि स्वराज वृद्धाश्रम ग्राम समाज की जमीन पर बना है।
इसके संचालक वृद्धों से आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव करते हैं। इसलिए संस्था को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 जी और चेरिटेबिल ट्रस्ट के अंतर्गत मिलने वाली सुविधा तत्काल प्रभाव से निलंबित की जाए और दस्तावेज की जांच कराई जाए।
अमर उजाला पब्लिक कॉल के बाद पनकी रतनपुर स्थित गड़रियनपुरवा गांव में बने स्वराज वृद्धाश्रम की पड़ताल में खुलासा हुआ था कि वहां सिर्फ पैसे वाले वृद्धों को ही शरण मिलती है। असहाय, कमजोर और बेसहारा लोगों के साथ बदसलूकी की जाती है।
तहसील के रिकॉर्ड के मुताबिक स्वराज वृद्धाश्रम ग्राम सभा की ऊसर भूमि पर बना है। पीएसी मोड़ श्याम नगर निवासी एडवोकेट राजीव यादव ने शिकायती पत्र में कहा है कि संस्था को मिलने वाला धन और दान पर इनकम टैक्स की छूट मिलती है।
इस आश्रम में वृद्धों का प्रवेश संचालक मंडल की मनमर्जी पर होता है। प्रवेश में आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। यह दान का दुरुपयोग है। इसलिए संस्था को मिलने वाली यह सुविधा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दस्तावेज की जांच की जाए।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने कहा है कि वृद्धों से भेदभाव करने और अवैध रूप से बने स्वराज वृद्धाश्रम को दान पर इनकम टैक्स में छूट नहीं दी जा सकती है। यह मामला कोर्ट में ले जाएंगे। लोकायुक्त से भी इसकी शिकायत की जाएगी।