नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में कांग्रेस चारो खाने चित्त हो गई। पार्टी के दोनों प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि सपा और भाजपा के सभी छह प्रत्याशी चुनाव जीत गए।
वोटों की गिनती कंप्यूटर से सिंगल ट्रांसफरेबल वोटिंग सिस्टम से हुई। नगर निगम परिसर में विजयी प्रत्याशियों को मालाएं पहनाई गईं। मिठाई वितरण के साथ ही आतिशबाजी भी हुई।
नगर निगम सदन की बैठक सुबह 11:00 बजे शुरू हुई, पर उस समय सिर्फ 22 पार्षद ही आए थे। कोरम पूरा न होने के कारण महापौर जगतवीर सिंह द्रोण ने बैठक आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।
साढ़े ग्यारह बजे दोबारा बैठक शुरू होते ही महापौर ने कार्यकारिणी चुनाव की घोषणा की। सपा से पार्षद दल के नेता सोहेल अहमद, नवीन पंडित और आशुतोष त्रिपाठी ने नामांकन कराया।
इसी तरह भाजपा से महेंद्र दद्दा, धीरू त्रिपाठी, पूनम द्विवेदी और कांग्रेस से अब्दुल जब्बार एवं सुरजीत सचान ने पर्चे दाखिल किए। उम्मीदवारों ने अपनी पार्टी के साथ ही विरोधी पार्टियों और निर्दलीयों के वोट प्राप्त करने के लिए संबंधों का हवाला देने के साथ ही एड़ी - चोटी का जोर लगा दिया। कुछ ने बाजरा (धन) भी बांटा।
शाम साढ़े तीन बजे नाम वापसी का समय बीतने के बाद महापौर ने सदन में बताया कि कार्यकारिणी के छह नए सदस्यों के चुनाव के लिए आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। इसलिए मतदान होगा।
पार्षद और पदेन सदस्य वरीयता क्रम में वोट देंगे। अधिकतम छह नंबर तक वरीयता दी जा सकेगी। शाम पौने चार बजे महापौर, नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त की मौजूदगी में वोटिंग शुरू हुई।
पार्षदों ने लाइन लगाकर वोट डाले। दो घंटे चले मतदान के दौरान 112 वोट पड़े। वोट डालने वालों में पार्षदों के साथ ही पदेन सदस्य सतीश निगम, सत्यदेव पचौरी, सलिल विश्नोई आदि ने भी वोट डाले। शाम छह बजे वोटों की गिनती शुरू हुई।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि 105 वोट वैध पाए गए, जबकि सात मतों को अवैध घोषित किया गया। वोटों की गिनती आईटी अफसर शेखर पाण्डेय और राहुल सब्बरवाल द्वारा सिंगल ट्रांसफ्रेबल वोटिंग सिस्टम से कंप्यूटर के माध्यम से की गई। इस चुनाव में सपा प्रत्याशी हाजी सुहैल अहमद को प्रथम वरीयता के सर्वाधिक 19 वोट मिले।