कन्नौज संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी ने तेज प्रताप यादव को उम्मीदवार बना तो दिया है, लेकिन नामांकन को लेकर तस्वीर अभी धुंधली है। कार्यकर्ताओं के बीच यही संदेश है कि खुद पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ही यहां से चुनाव लड़ेंगे। मंगलवार को इन अटकलों को तब बल मिला, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने नामांकन पत्र लिया। इसमें से चार लोगों ने सात नामांकन पत्र लिया है। इसमें से यह स्पष्ट नहीं है कि यह पर्चा किस उम्मीदवार के लिया गया है।
पर्चा के लिए उम्मीदवार के नाम का जिक्र नहीं किया गया है।
अखिलेश यादव के नाम से जमा करवाया गया चालान
पूर्व विधायक स्व. अनिल दोहरे के पुत्र यश दोहरे, पार्टी नेता बउअन तिवारी, शकील अहमद ने पार्टी के लिए पर्चा लिया है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि चुनाव लड़ने के लिए जमानत के तौर पर जमा होने वाली 25 हजार रुपये की रकम का चालान अखिलेश यादव के नाम से जमा करवाया गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पार्टी से जुड़े लोगों का बताना है कि चूंकि पिछले विधान सभा चुनाव के बाद से ही यहां इसी बात का प्रचार-प्रसार किया जाता रहा है कि चुनाव अखिलेश यादव ही लड़ेंगे।
वोटर के बीच पहुंच बनाने में मुश्किल होगी
खुद इस महीने में अपने दो बार के दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने भी इसी तरह का इशारा दिया था। ऐसे में अचानक से तेज प्रताप यादव के नाम के ऐलान से कार्यकर्ताओं का उत्साह काफूर हो गया। किसी ने खुलकर विरोध तो नहीं किया, लेकिन जिले भर से जो रिपोर्ट राजधानी पहुंची है, उसका लब्बोलुआब यही है कि लोग अखिलेश यादव की ही उम्मीदवारी चाहते हैं। अचानक से तेज प्रताप यादव के नाम के साथ वोटर के बीच पहुंच बनाने में मुश्किल होगी।
जिलाध्यक्ष बोले- हम लोग हर स्थिति के लिए तैयार हैं
अखिलेश यादव के नाम पर आम मतदाता भी वोट देने को तैयार होगा। इन सभी पहलुओं से जुड़ी रिपोर्ट के बाद बदलाव की सुगबुगाहट बढ़ गई है। बुधवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। जिलाध्यक्ष कलीम खान ने बताया कि हम लोग हर स्थिति के लिए तैयार हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी तक कार्यकर्ताओं के मन की बात पहुंचा दी गई है। फैसला उनको ही करना है। हम सभी लोग उनके फैसले को मानते हुए यहां से पार्टी को कामयाब करेंगे।
तेज प्रताप को पीछे करने पर कोई विरोध भी नहीं
सपा से जुड़े जानकारों का मानना है कि तेज प्रताप यादव के नाम को आगे कर कार्यकर्ताओं के मन को टटोला गया है। साथ ही आम लोगों के बीच की प्रतिक्रिया को भी जुटाया गया है। इन सभी रिपोर्ट में तेज प्रताप यादव के मुकाबले अखिलेश यादव को तरजीह दी गई है। ऐसे में तेज प्रताप यादव के नाम को वापस लिया जाता है तो किसी स्तर के विरोध या गुटबाजी की भी संभावना न के बराबर है।
कार्यकर्ताओं ने राजधानी में डाला डेरा
तेज प्रताप यादव के नाम का ऐलान होने के बाद क्षेत्र भर से जो प्रतिक्रिया आई है, उसे लेकर कई कार्यकर्ता लखनऊ पहुंच गए हैं। उनमें से कुछ की मुलाकात भी पार्टी प्रमुख से हुई है। उन्हें आश्वसान तो दिया गया है, लेकिन खुलकर कुछ कहा नहीं गया है।
वायरल होता रहा लेटर, होता रहा खंडन
कन्नौज से प्रत्याशी बदलने को लेकर मंगलवार को एक पर्चा भी वायरल होता रहा, जिसमें अखिलेश यादव को कन्नौज से उम्मीदवार बताया गया। इसे लेकर काफी चर्चा होती रही। हालांकि पार्टी से जुड़े लोग इस पर्चा को गलत बताते हुए खंडन करते रहे।