किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिल रहा था। हादसे की आवाज सुनकर एक्सप्रेसवे के ग्राम पिपरौली के ग्रामीण बस की ओर दौड़ पड़े। अंधेरा होने के कारण लोगों को कुछ देर तक समझ नहीं आया। हादसे की जानकारी पर यूपीडा कर्मी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
दो घंटे की मशक्कत के बाद हटे बस और ट्रक
अलसुबह हुए हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर आवागमन बंद हो गया। पहले पुलिस ने घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा और उसके बाद क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को हटाने के लिए क्रेन मंगवाई। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बस और ट्रक को हटाकर एक्सप्रेसवे पर आवागमन शुरू हो सका।
दिल्ली घूमने की चाहत लेकर बस चालक पिता के साथ निकला था बेटा
हादसे में बस चालक बाराबंकी के शरीफाबाद थाना क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव निवासी नीलकंठ और उसके आठ वर्षीय बेटे मनीष की मौत हो गई। मनीष पिता के साथ दिल्ली घूमने की चाहत लेकर घर से निकला था, लेकिन उसे क्या पता था कि रास्ते में उनका मौत इंतजार कर रही है। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और सभी कन्नौज पहुंच गए। इनके अलावा गोरखपुर के हनुमंतनगर कॉलोनी नियर मैरी गोल्ड लॉन निवासी आदिति श्रीवास्तव (22) के परिजन भी पहुंच गए हैं। हादसे में दम तोड़ने वाले चौथे युवक की पुलिस शिनाख्त का प्रयास कर रही है।
24 घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र तिवारीपुर गांव निवासी रवि कुमार चौहान (36), रिधिया चौहान(12), सुभाष चंद्र चौहान (54), रणवीर चौहान (11), सिधकरिया गांव निवासी हिमांशु तिवारी (25), संतकबीर नगर के मेहरोली थाना क्षेत्र के अलीनागर गांव निवासी शंकरदीन यादव (45) घायल हो गए।
ये भी हुए घायल
इनके अलावा खालीलाबाद थाना क्षेत्र निवासी रामदयाल (31), थाना क्षेत्र के हाडापार गांव निवासी राजपाल चौधरी (32), पवन सैनी (31), गोरखपुर निवासी अमरनाथ (28), बेलाघाट थाना क्षेत्र निवासी डॉ. ब्रजेश पांडेय, सोहनावा गांव निवासी कुसुम पांडेय (52), गुलरिया थाना क्षेत्र निवासी विपुलराय (30), थाना खड़िनी निवासी दिलीप सिंह (55), शाहनगर थाना क्षेत्र निवासी विकास त्रिपाठी (29) घायल हुए।
कुछ घायल प्राथमिक उपचार लेकर अपने-अपने घर चले गए
फरीदाबाद निवासी सुमंत राय (43), बस्ती निवासी अंबकेश्वर कुमार पांडे (41), खुशीनगर क्षेत्र निवासी आनंद गुप्ता (24), हाथरस निवासी तान सिंह (22), मथुरा निवासी राजू (42), करन सिंह (18), भांवार थाना क्षेत्र के निवासी शाहिद (50), दिल्ली के खजुरी खास गली नंबर 15 में 331 निवासी गोविंद कुमार का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। कुछ घायल प्राथमिक उपचार लेकर अपने अपने घर चले गए है।
डिवाइडर तोड़ ट्रक से टकराई थी बस
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरौली के निकट मंगलवार सुबह तेज रफ्तार स्लीपर बस डिवाइडर को तोड़ते हुए दूसरी साइड में जा रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में पिता-पुत्र सहित चार लोगों की मौत हो गई। बस में सवार व ट्रक चालक सहित 35 लोग घायल हो गए। मृतकों में एक की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। उनमें से 11 को कानपुर रेफर कर दिया गया।
चार को डॉक्टरों ने क दिया मृत घोषित
गोरखपुर से दिल्ली जाते समय आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर ठठिया के पिपरौली गांव के पास स्लीपर बस हादसे का शिकार हो गई। बस डिवाइडर को तोड़कर दूसरी साइड में चल रहे ट्रक में सामने से टकरा गई। हादसे की सूचना पर पहुंचे यूपीडा कर्मियों व ठठिया थाना पुलिस ने घायलों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। करीब 34 घायलों को भर्ती इलाज किया गया।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में हड़कंप
इनमें 11 की हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त बाराबंकी के शरीफाबाद के हुसैनाबाद निवासी नीलकंठ पुत्र श्यामाल और उनके पुत्र मनीष के अलावा गोरखपुर के हनुमंत नगर कॉलोनी निकट मैरी गोल्ड लॉन निवासी अदिती श्रीवास्तव पुत्री हेमंत श्रीवास्तव के रूप में की है, जबकि चौथे शव की शिनाख्त देर शाम तक नहीं हो सकी।
चालक को झपकी आने के कारण हादसा
हादसे की जानकारी पर डीएम शुभ्रांत शुक्ला, एसपी अमित कुमार आनंद, एएसपी डॉ. संसार सिंह, सीओ डॉ. प्रियंका बाजपेई पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसपी ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। बस में सवार लोगों ने बताया कि हादसे के समय सभी लोग सो रहे थे। ऐसा लग रहा है कि बस चालक को भी झपकी आ गई। इसी से बस अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर को तोड़ते हुए दूसरी साइड में जा रहे ट्रक से टकरा गई।